नासा का मार्स 2020 मिशन

  • 18 फरवरी, 2021 को संयुक्त राज्य अमेरिका की अंतरिक्ष संस्था ‘नासा’ (NASA) का ‘पार्सीवेरेंस रोवर’ रोवर को ले जाने वाले मार्स 2020 मिशन (Perseverance Rover) मंगल ग्रह के जेजेरो क्रेटर (Jezero Crater) पर सफलतापूर्वक उतरा।
  • नासा द्वारा 30 जुलाई, 2020 को फ्लोरिडा स्थित केप केनावेरल एयर फोर्स स्टेशन के स्पेस लाँच कॉम्पलेक्स 41 से यूनाइटेड लांच एलायंस (ULA) एटलस वी-541 प्रमोचन यान के माध्यम से पर्सीवेरेंस रोवर को ले जाने वाले मार्स 2020 मिशन अंतरिक्षयान का प्रक्षेपण किया गया था।
  • पर्सीवेरेंस रोवर के चार वैज्ञानिक उद्देश्य हैं-
  • माइक्रोवियल जीवन का समर्थन करने में सक्षम अतीत के वातावरण की पहचान करना।
  • वासयोग्य वातावरणों में अतीत के संभाव्य माइक्रोबियल जीवन के संकेतों की तलाश करना।
  • मूलभूत चट्टानों एवं मिट्टी के नमूनों का संग्रहण और उनका मंगल ग्रह की सतह पर भंडारण
  • मंगल ग्रह के वातावरण से ऑक्सीजन उत्पादन का परीक्षण करना।
  • नासा द्वारा किसी अन्य ग्रह पर भेजा गया अब तक का सबसे विशाल और अति उन्नत यह रोवर 203 दिन में 293 मिलियन मील (472 मिलियन किमी.) दूरी तय कर मंगल ग्रह पर उतरा।
  • उक्त मिशन का कार्यकाल एक मंगलवर्ष (लगभग 687 पृथ्वी दिवस) है।
  • पर्सीवेरेंस रोवर में 130 पौंड (59 किग्रा.) के 7 संलग्न नीतिभार उपकरण हैं- मस्तकैम-जेड (Mastcam-Z), मार्स एनवायरनमेंटल डायनेमिक्स एनालाइजर (MEDA), मार्स ऑक्सीजन इन सिटू रिसोर्स यूटीलाइजेशन एक्सपेरिमेंट (MOXIE), प्लैनेटरी इन्स्ट्रूमेंट फॉर एक्स-रे लिथोकेमिस्ट्री (PIXL), रडार इमेजर फॉर मार्स सबसरफेस एक्सपेरिमेंट (RIMFAX), स्कैनिंग हैबिटेबल एनवायरमेंट्स विद रमन एंड ल्युमिनिसेंस फॉर ऑर्गेनिक्स एंड केमिकल्स तथा सुपरकैम।
  • इसके अतिरिक्त दो तकनीक प्रदर्शक उपकरण ‘मार्स साइंस लेबोरेटरी इंट्री, डिसेंट एंड लैंडिग इन्सट्रूमेंटेशन 2(MEDLI2) और ‘इन्जीनूइटी’  मार्स हेलीकाप्टर को भी पर्सीवेरेंस रोवर के साथ भेजा गया है।
  • एक कार के आकार का पर्सीवेरेंस रोवर का पृथ्वी पर भार लगभग 2260 पौंड (1025 किलोग्राम) है जबकि मंगल ग्रह पर इसका भार लगभग 866 पौंड (393 किग्रा.) है।
  • इस रोवर की लंबाई लगभग 10 फीट (लगभग 3 मीटर), चौड़ाई 9 फिट (2.7 मी.) और ऊंचाई 7 फिट (2.2 मी.) है तथा इसकी रोबोटिक भुजा की लंबाई लगभग 7 फिट (2.1 मी.) है।
  • पर्सीवेरेंस रोवर मंगल ग्रह पर नासा द्वारा भेजा गया 5वां रोवर है।
  • पर्सीवेरेंस रोवर में मई-सितंबर, 2019 के मध्य आयोजित ऑनलाइन अभियान ‘सेंड योर नेम टू मार्स’ में भागीदारी करने वाले विश्व भर के लगभग 10.9 मिलियन लोगों के नाम वाली 3 सिलिकॉन चिप वाली एक प्लेट संलग्न है।
  • उक्त चिपों में नासा की ‘नेम द रोवर’ निबंध  प्रतियोगिता के निर्णायक दौर में पहुंचने वाले 155 प्रतिभागियों के निबंध भी संग्रहीत किए गए हैं।
  • नासा का ‘इन्जीनूइटी मार्स हेलीकाप्टर किसी दूसरे ग्रह पर संचालित एवं नियंत्रित उड़ान के परीक्षण के लिए भेजा गया पहला विमान है।
  • तकनीकी प्रदर्शक उपकरण ‘इन्जीनूइटी’ का भार लगभग 4 पौंड (1.8 किग्रा.) है।
  • जेजेरो क्रेटर 28 मील (45 किमी.) चौड़ा प्राचीन नदी डेल्टा वाला प्रभावी बेसिन है।

इन्हें भी जानें

मंगल ग्रह
आकार - पृथ्वी के व्यास का लगभग आधा किन्तु चंद्रमा के व्यास का दोगुना
द्रव्यमान - पृथ्वी का लगभग 10 प्रतिशत
गुरुत्वाकर्षण - पृथ्वी का लगभग 38 प्रतिशत
कक्षा - दीर्घवृत्ताकार(Elliptical)
सूर्य से औसत दूरी - लगभग 141.5 मिलियन मील (227.7  मिलियन किमी.)
वर्ष - 687 पृथ्वी दिवस (एक मंगल वर्ष)
दिन - 24 घंटा, 39 मिनट, 35 सेकेंड (पृथ्वी  के दिन से 1.027 बड़ा)
वायुमंडल - सतह पर पृथ्वी के वायुमंडल के घनत्व का लगभग 1 प्रतिशत

Post a Comment

Previous Post Next Post

Featured Post

The country's first AI-based bird sanctuary

India’s First AI-Based Bird Sanctuary: The country's first AI (Artificial Intelligence)-based bird sanctuary will be developed at the Th...

Popular Posts