होप : संयुक्त अरब अमीरात का प्रथम मंगल मिशन



  • 9 फरवरी, 2021 को संयुक्त अरब अमीरात का पहला मंगल मिशन ‘होप’ (HOPE) मंगल ग्रह की कक्षा में प्रवेश किया।
  • उल्लेखनीय है कि 10 फरवरी, 2021 को संयुक्त अरब अमीरात की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ है।
  • मंगल ग्रह की कक्षा में सफलतापूर्वक अपना प्रोब प्रविष्ठ कराने वाला संयुक्त अरब अमीरात पहला अरब देश और रूस (रॉस्कॉस्मास), संयुक्त राज्य अमेरिका (नासा), यूरोपियन स्पेस एजेंसी और भारत (इसरो) के बाद 5वां निकाय है।
  • ध्यातव्य है कि 20 जुलाई, 2020 को जापान के तानेगाशिमा अंतरिक्ष केंद्र से एच-2ए एफ 42 प्रमोचन यान द्वारा ‘होप’ का प्रक्षेपण किया गया था।
  • होप मिशन का विकास ‘मोहम्मद बिन राशिद अंतरिक्ष केंद्र’ द्वारा और इसका वित्त पोषण संयुक्त अरब अमीरात की अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा किया गया है।
  • संयुक्त अरब अमीरात के मंगल मिशन ‘होप प्रोब’ का अरबी भाषा में नाम ‘अल अमल’ (Al Amal)  है।
  • ‘होप प्रोब’ का कुल वजन 1350 किग्रा. है।
  • ज्ञातव्य है कि वर्ष 2014 में संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख खलीफा बिन जायेद अल नाह्यान द्वारा इस मिशन की घोषणा की गई थी।
  • होप मिशन में तीन वैज्ञानिक उपकरण नामत: ‘एमिरटे्स एक्सप्लोरेशन इमेजर (EXI), एमिरेट्स मार्स इन्फ्रारेड स्पेक्ट्रोमीटर (EMIRS) और एमिरटेस मार्स अल्ट्रावायलेट स्पेक्ट्रोमीटर (EMUS) संलग्न हैं।
  • होप मिशन का मुख्य लक्ष्य मंगल ग्रह के वातावरण की पहली पूर्ण तस्वीर प्रदान करना है।
  • होप मिशन के तीन उद्देश्य हैं–
  • मंगल ग्रह की जलवायु गतिशीलता और इस ग्रह के निचले वातावरण के निरूपण द्वारा इसके मौसम मानचित्र को समझना।
  • मंगल ग्रह के वातावरण से हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन के पलायन पर इस ग्रह के मौसम के प्रभाव की व्याख्या करना।
  • मंगल ग्रह के ऊपरी वायुमंडल में हाइड्रोजन एवं ऑक्सीजन की संरचना तथ परिवर्तनशीलता में पलायन के कारणों को पहचानना
  • इन्हें भी जानें
  • वर्ष 2006 में दुबई में मोहम्मद बिन राशिद अंतरिक्ष केंद्र की स्थापना।
  • संयुक्त अरब अमीरात द्वारा तीन उपग्रहों नामत: दुबई सैट-1, दुबईसैट-2 तथा खलीफासैट का प्रक्षेपण
  • खलीफासैट अक्टूबर, 2018 में जापान के सहयोग से प्रक्षेपित शत-प्रतिशत संयुक्त अरब अमीरात द्वारा डिजाइन एवं निर्मित उपग्रह।
  • नायिफ-1 : फरवरी, 2017 में इसरो द्वारा पीएसएलवी अमीरात का पहला नैनो उपग्रह।
  • हज्जा अल मंसूरी : सितंबर, 2019 में रूस के सोयुज-एफजी प्रमोचन यान से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) जाने वाले संयुक्त अरब अमीरात के पहले अंतरिक्षयात्री।
  • मार्स-2117 कार्यक्रम : वर्ष 2117 तक मंगल ग्रह पर मानव कालोनी बनाने की संयुक्त अरब अमीरात की योजना।

Post a Comment

Previous Post Next Post

Featured Post

Polytechnic JEECUP Vol.2 Biology Chapterwise Solved Papers 2026-27

Polytechnic JEECUP Vol.2 Biology Chapterwise Solved Papers 2026-27 Purchase Book Online Click Here

Popular Posts