चपारे वायरस


  • नवंबर, 2020 में आयोजित अमेरिकन सोसाइटी ऑफ ट्रॉपिकल मेडीसिन एंड हाइजीन (ASTMH) की वार्षिक बैठक मेें संयुक्त राज्य अमेरिका के रोग नियंत्रण एवं निवारण वेंâद्र (CDC) के शोधकर्ताओं ने उद्घाटित किया कि चपारे वायरस (Chapare Virus) का प्रसार एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में हो सकता है।
  • ध्यातव्य है कि सर्वप्रथम वर्ष 2003 में बोलिविया के चपारे प्रांत में इस वायरस का पता चला था।
  • चपारे प्रांत के नाम के आधार पर इस वायरस का नामकरण ‘चपारे वायरस’ किया गया।
  • दूसरी बार वर्ष 2019 में बोलिविया के कारानवी (Caranavi) प्रांत में इस वायरस का प्रकोप हुआ है।
  • चपारे रक्तस्रावी बुखार (CHHF) चपारे वायरस के संक्रमण से होने वाला एक रक्तस्रावी ज्वार है।
  • चपारे वायरस उसी एरेनावायरस (Arena Virus) परिवार का सदस्य है जो एबोला वायरस रोग जैसी बीमारियों के लिए उत्तरदायी है।
  • एरेनावायरस सामान्तया संक्रमित चूहों (Rodents) के प्रत्यख संपर्क अथवा संक्रमित चूहों के लार, मूत्र या विष्टा के अप्रत्यक्ष संपर्वâ के कारण व्यक्तियों में पैâलता है।

Post a Comment

Previous Post Next Post

Featured Post

RRB Hindi Medium Science, Math, GK, Reasoning 2026

RRB Hindi Medium Science, Math, GK, Reasoning 2026 Purchase Book Online Click Here

Popular Posts