- 14 नवंबर‚ 2021 को भारत के पहले घास संरक्षण क्षेत्र का उद्घाटन अल्मोड़ा जिले के रानीखेत में किया गया।
- यह घास संरक्षण क्षेत्र 2 एकड़ क्षेत्र में विस्तारित है।
- यह संरक्षण क्षेत्र 3 वर्ष की मेहनत के बाद उत्तराखंड‚ वन विभाग की शोध शाखा द्वारा विकसित किया गया है।
- इसे केंद्र सरकार की क्षतिपूरक वनीकरण कोष प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (कैंपा) द्वारा वित्तपोषित किया गया है।
- इस संरक्षण क्षेत्र में महत्वपूर्ण वैज्ञानिक‚ पारिस्थितिक‚ औषधीय एवं सांस्कृतिक रूप से लगभग 90 विभिन्न घास प्रजातियों को उगाया गया है।
- इस परियोजना का उद्देश्य घास प्रजातियों की महत्ता के बारे में जागरूकता पैदा करना‚ उनके संरक्षण को बढ़ावा देना तथा इस क्षेत्र में शोध को मदद देना है।
- ताजा शोधों में यह सिद्ध हुआ है कि कार्बन सोखने (Carbon Sequestration) में घास के मैदान वन भूमि से अधिक प्रभावी हैं।
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