- स्वीडन के गोथेनबर्ग विश्वविद्यालय में ‘वी-डेम संस्थान’ की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2021 में विश्व स्तर पर एक औसत नागरिक के पास मौजूद लोकतंत्र का स्तर वर्ष 1989 के स्तर से नीचे चला गया है और साथ ही शीत युद्ध के बाद की अवधि के दौरान प्राप्त लोकतांत्रिक लाभ तेज़ी से घट रहे हैं।
- रिपोर्ट का शीर्षक है 'लोकतंत्र रिपोर्ट 2022: "निरंकुशता की बदलती प्रकृति"।
- ‘वैरायटी ऑफ डेमोक्रेसी’ (वी-डेम) वर्ष 1789 से वर्ष 2021 तक 202 देशों के लिये 30 मिलियन से अधिक डेटा बिंदुओं के साथ लोकतंत्र पर सबसे बड़ा वैश्विक डेटासेट तैयार करती है।
- स्वीडन, उदार लोकतंत्र सूचकांक (LDI) में शीर्ष पर है, इसके अलावा अन्य स्कैंडिनेवियाई देश जैसे डेनमार्क, नॉर्वे, कोस्टा रिका तथा न्यूज़ीलैंड इस सूचकांक में शीर्ष पाँच में शामिल हैं।
- उदार लोकतंत्र सूचकांक में भारत 93वें स्थान पर था, और इसे "निचले 50%" देशों में शामिल किया गया है।
- भारत का स्थान श्रीलंका (88), नेपाल (71) और भूटान (65) से नीचे तथा पाकिस्तान (117) से ऊपर है।
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