प्रतिदिन 10 प्रश्न और उत्तर (Q & A),(14-07-2022)

प्रश्न-


1. भक्त तुकाराम कौन से मुगल सम्राट के समकालीन थे?
(a) बाबर (b) अकबर
(c) जहाँगीर (d)  औरंगजेब

2. जिसके शासन में गुरु नानक देव ने सिक्ख धर्म की स्थापना की, वह कौन था?
(a) फिरोजशाह तुगलक (b) सिकन्दर लोदी
(c)  हुमायूॅ (d)  अकबर

3. मुण्डा विद्रोह का नेता कौन था?
(a) बिरसा
(b) कान्हू
(c)  तिलका मांझी
(d) सिद्धू

4. 1921 का `मोपला विद्रोह’ हुआ था?
(a) तेलंगाना में (b) विदर्भ में
(c)  मलाबार में (d)  मराठवाड़ा में

5. इंडियन नेशनल कांग्रेस की प्रथम भारतीय महिला अध्यक्षा कौन थी?
(a) श्रीमती एनी बेसेन्ट (b) सुचेता कृपलानी
(म्) सरोजिनी नायडू (d) इन्दिरा  गाँधी

6. 20वीं शताब्दी के आरम्भिक दो दशकों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का मुख्य लक्ष्य क्या था?
(a) स्वतंत्रता 
(b) स्वराज्य
(c)  औपनिवेशिक स्वायत्तता
(d) प्रशासन में भारतीयों की पर्याप्त भागीदारी

7. नीचे संगठनों की एक सूची दी गयी है, सूची के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करते हुए क्रान्तिकारी गतिविधियों में लिप्त संगठनों का चयन कीजिए –
1. अभिनव भारत
2. अनुशीलन समिति
3. न्यू नेशनलिस्ट पार्टी
4. इण्डियन पैट्रियट एसोसिएशन
कूट :
(a) 1, 2 व 3 (b) 1 व 2
(c) 2, 3 व 4 (d) 1, 2 व 4

8. मार्च 1930 में गाँधी जी का प्रसिद्ध डांडी मार्च किस आन्दोलन के शुरू होने का सूचक है?
(a) सत्याग्रह
(b) भारत छोड़ो आन्दोलन
(c)  डायरेक्ट एक्शन डे
(d) सविनय अवज्ञा आन्दोलन

9. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 का सम्बन्ध है─
(a) समानता के अधिकार से
(b) सम्पत्ति के अधिकार से
(म्) धर्म की स्वतन्त्रता से
(d)अल्पसंख्यकों की सुरक्षा से

10. निम्न में से कौन सही है?
(a) सामाजिक समानता संविधान में प्रत्याभूत नहीं है।
(b) देश में सामाजिक समानता पहले से ही विद्यमान थी।
(c)   सामाजिक समानता संविधान में प्रत्याभूत है।
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं।



उत्तर-



1. (D) भक्त तुकाराम, शिवाजी और मुगल बादशाह औरंगजेब के समकालीन थे। संत तुकाराम का जन्म एक किसान परिवार में हुआ था। 

2. (B)  गुरु नानक ने सिकन्दर लोदी के शासनकाल में सिक्ख धर्म की स्थापना की थी। 

3. (A) मुण्डा विद्रोह को उलगुलान विद्रोह भी कहते हैं। इसका नेता बिरसा मुण्डा था। 

4. (C) मोपला विद्रोह केरल के मालाबार क्षेत्र में 1921 ई० में हुआ था। यहाँ पर काश्तकार अधिकतर बटाईदार मुसलमान थे तथा जमींदार अधिकतर हिन्दू थे। आंदोलन जमींदारों के शोषण के खिलाफ हुआ था।  

5. (C) 1 अक्टूबर, 1847 में इंग्लैण्ड में जन्मीं एनी बेसेन्ट को 1917 ई. में कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में प्रथम महिला कांग्रेस अध्यक्ष होने का गौरव प्राप्त हुआ। 

6. (C) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के आरंभिक दो दशकों में उदारवादियों का प्रभाव था। उनका मानना था कि अंग्रेज भारतीयों को शिक्षित करना चाहते हैं। वे मानते थे कि ब्रिटेन से भारत का संपर्क होना भारतीयों के हित में है, इसलिए वे औपनिवेशिक स्वायत्तता के पक्षधर थे। 

7. (B) अभिनव भारत – इसकी स्थापना 1904 ई० में नासिक में वी. डी. सावरकर ने की थी। वी. डी. सावरकर द्वारा 1899 ई० में स्थापित मित्र मेला ही एक गुप्त सभा अभिनव भारत (1904 ई०) में परिर्वितत हो गई। 
अनुशीलन समिति – इसकी पुनर्गठन 1907 ई० (स्थापना 24 मार्च, 1902 ई.) में कलकत्ता में पी.मित्रा, जतीन्द्र नाथ बनर्जी, बारीन्द्र घोष व भूपेन्द्र दत्त ने किया था। इसका प्रमुख उद्देश्य था -खून के बदले खून। इस समिति का निर्माण एक व्यायामशाला के रूप में हुआ था। इसका नाम एम. एन. राय ने सुझाया। वर्ष 1906 में इसका पहला सम्मेलन कलकत्ता में सुबोध मलिक के घर में हुआ था। वारीन्द्र घोष को लगा कि विशुद्ध राजनीतिक प्रचार काफी नहीं है। उन्होंने जोशीले नौजवानों को तैयार किया, जिनमें अविनाश भट्टाचार्य और भूपेन्द्र नाथ दत्त प्रमुख थे। ये नौजवानों को बताते थे कि स्वाधीनता के लिए लड़ना पावन कर्तव्य है। इण्डियन पैट्रियट एसोसिएशन के संस्थापक 1888 ई० में सर सैय्यद अहमद खाँ थे। इस संगठन का उद्देश्य मुसलमानों में अंग्रेजी राज के लिए समर्थन पैदा करना था। 

8. (D) सविनय अवज्ञा आन्दोलन–इस आन्दोलन की शुरुआत महात्मा गाँधी ने 12 मार्च, 1930 नमक सत्याग्रह से शुरू किया। इसके लिए गाँधी जी ने साबरमती आश्रम से अपने ७८ अनुयायियों के साथ डाण्डी मार्च किया। 24 दिन की लम्बी यात्रा के बाद 6 अप्रैल 1930 को डाण्डी में सांकेतिक रूप से नमक कानून तोड़ कर ‘सविनय अवज्ञा आन्दोलन’ की शुरुआत की। सविनय अवज्ञा आन्दोलन का मुख्य उद्देश्य कुछ विशिष्ट प्रकार के गैर कानूनी कार्य सामूहिक रूप से करके ब्रिटिश सरकार को झुका देना था। 

9. (C) अनुच्छेद 25 अंत:करण की और धर्म के अबाध रूप से मानने, आचरण और प्रचार करने की स्वतंत्रता से सम्बन्धित है। 

10. (C) सामाजिक समानता संविधान में प्रत्याभूत है। नीति निदेशक तत्वों में प्रतिष्ठा और अवसर की समता की प्राप्ति के लक्ष्य के अतिरिक्त मूल अधिकारों में अनुच्छेद–15, 16, 17 और 18 में उल्लिखित अधिकार सामाजिक समानता से सम्बन्धित हैं। समानता का अधिकार प्रजातंत्र का आधारस्तम्भ है। अत: भारतीय संविधान द्वारा सभी व्यक्तियों को कानून के समक्ष समानता, राज्य के अधीन नौकरियों का समान अवसर और सामाजिक समानता प्रदान की गई है।

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