अमूर्त सांस्कृतिक विरासत पर यूनेस्को का अभिसमय


  • भारत को वर्ष 2022-2026 कि अवधि के लिये अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (ICH) की सुरक्षा हेतु यूनेस्को के 2003 कन्वेंशन की अंतर-सरकारी समिति के लिये चुना गया है।
  • भारत ने 2006 से 2010 और 2014 से 2018 तक दो बार ICH समिति के सदस्य के रूप में कार्य किया है।
  • इससे पहले कोलकाता में दुर्गा पूजा को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (ICH) की यूनेस्को की प्रतिनिधि सूची में अंकित किया गया था।
  • अमूर्त सांस्कृतिक विरासत वे प्रथाएँ, अभिव्यक्तियाँ, ज्ञान और कौशल हैं जिन्हें समुदाय, समूह तथा कभी-कभी व्यक्ति अपनी सांस्कृतिक विरासत के हिस्से के रूप में पहचानते हैं।
  • यह भारत को सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने, अमूर्त विरासत के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मज़बूत करने, अमूर्त सांस्कृतिक विरासत पर अकादमिक अनुसंधान को बढ़ावा देने और संयुक्त राष्ट्र सतत् विकास लक्ष्यों के साथ अभिसमय के कार्य को संरेखित करने में मदद करेगा।
  • भारत के पास वर्ष 2003 के अभिसमय के कार्यान्वयन की बारीकी से निगरानी करने का अवसर होगा।

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