प्रतिदिन 10 प्रश्न और उत्तर (Q & A),(15-08-2022)

प्रश्न-

1. अकबर द्वारा बनाई गई कौन सी इमारत का नक्शा बौद्ध विहार की तरह है?
(a) पंचमहल (b) दीवान-ए-खास
(c) जोधाबाई का महल (d) बुलंद दरवाजा

2. निम्नलिखित घटनाओं पर विचार कीजिए–
1. नील विद्रोह
2. संथाल विद्रोह
3. दक्कन दंगे
4. सिपाही विद्रोह
इन घटनाओं का सही कालानुक्रम है–
(a) 4, 2, 1, 3 (b) 4, 2, 3, 1
(c) 2, 4, 3, 1 (d) 2, 4, 1, 3

3. बंगाल में नारियों की उच्च शिक्षा के इतिहास में कलकत्ता में मई 1849 में एक विद्यालय की स्थापना एक युगान्तरकारी घटना थी। निम्नलिखित में से कौन इसका संस्थापक था?
(a) हॉजसन प्रेट (b) जे.ई.डी. बेथ्यून
(c) ईश्वर चन्द्र विद्यासागर (d) राजा बैद्यनाथ राय

4. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अंतिम अधिवेशन जिसमें बाल गंगाधर तिलक ने भाग लिया, था –
(a) कलकत्ता अधिवेशन, 1906
(b) सूरत अधिवेशन, 1907
(c) कलकत्ता अधिवेशन, 1917
(d) अमृतसर अधिवेशन, 1919

5. उन क्रान्तिकारी या क्रान्तिकारियों का नाम दीजिये जो 1925 के बाद सक्रिय रहे -
(a) अशफाकुल्ला (b) राम प्रसाद बिस्मिल
(c) बटुकेश्वर दत्त (d) उक्त में सभी

6. होमरूल लीग आन्दोलन सर्वप्रथम किसने प्रारम्भ किया─
(a) ऐनी बेसेन्ट (b) सरोजनी नायडू
(c) सुरेन्द्र नाथ बनर्जी (d) तिलक

7. सन् 1929 में ऑल इण्डिया टे्रड यूनियन कांग्रेस में क्यो विभाजन हुआ जिसमें एन.एम. जोशी को भारतीय टे्रड यूनियन फेडरेशन बनाने की आवश्यकता पड़ी?
(a) सदस्यता के माप दण्ड
(b) संगठन के लिए सरकारी अनुदान प्राप्त करने हेतु
(c) संगठन को अन्तर्राष्ट्रीय साम्यवादी आन्दोलन से संयुक्त करने पर मतभेद
(d) नेहरू और जयप्रकाश नारायण के बीच व्यक्तित्व की टकराहट

8. निम्न में से कौन `स्वराज पार्टी’ के गठन से सम्बन्धित थे?
1. सुभाषचन्द्र बोस
2. सी. आर. दास
३. जवाहरलाल नेहरू
4. मोतीलाल नेहरू
कूट :
(a) 1, 2, 3 तथा 4 (b) 1, 2 तथा 3
(c) 2 तथा 3 (d) 2 तथा 4

9. निम्नलिखित में से किस वाद में उच्चतम न्यायालय ने धारणा प्रस्तुत की कि `उद्देशिका संविधान का भाग है'?
(a) यूनियन ऑफ इण्डिया बनाम डॉ. कोहली
(b)  बनारसीदास बनाम स्टेट ऑफ यू. पी.
(c) बोम्मई बनाम यूनियन ऑफ इंडिया
(d)  मलक सिंह बनाम स्टेट ऑफ पंजाब

10. भारत के राष्ट्रपति को महाभियोग द्वारा हटाने की प्रक्रिया निम्नलिखित में से किस अनुच्छेद में र्विणत है?
(a) अनुच्छेद-53 (b) अनुच्छेद-61
(c) अनुच्छेद-71 (d) अनुच्छेद-13



उत्तर-

1. (A)  पंचमहल फतेहपुर सीकरी में स्थित है। इसका निर्माण अकबर ने करवाया था। इसी को हवा महल भी कहा जाता है। इसके निर्माण की प्रेरणा नालंदा के बौद्ध विहार से ली गयी थी। इसका निर्माण हरम की महिलाओं को घूमने-फिरने के लिए कराया गया था। जोधाबाई का महल अकबर का निवास स्थान था। यह फतेहपुर सीकरी का सबसे बड़ा स्थापत्य है। दीवाने-खास में अकबर खास ही लोगों से मिलते थे। यहीं से न्याय भी देता था। 

2. (D) प्रश्न में दिए गए आंदोलनों का सही क्रम इस प्रकार है – संथाल विद्रोह - 1855-56, सिपाही विद्रोह - 1857, नील विद्रोह - 1860, दक्कन दंगे - 1875।

3. (B) स्त्रियों में शिक्षा के प्रसार के लिए प्राय: सभी तत्कालीन सुधार आन्दोलनों ने प्रयत्न किया लेकिन यह काम इनसे पहले ईसाइयों ने प्रारंभ किया था। उनका उद्देश्य चाहे जो भी रहा हो, (ईसाई धर्म प्रचारक) पहले लोग थे जिन्होंने 1819 में कलकत्ता में `कलकत्ता तरुण स्त्रीसभा' की स्थापना की थी। आगे चलकर शिक्षा परिषद् के अध्यक्ष जे. ई. डी. बेथ्यून ने 1849 ई० में एक बालिका विद्यालय स्थापित किया। स्त्री शिक्षा के प्रसार में ईश्वरचन्द्र विद्यासागर की देन महान थी। वे बंगाल के कम-से-कम 35 बालिका विद्यालयों से संबंधित थे।

4. (D)  बाल गंगाधर तिलक ने 1919 में अमृतसर अधिवेशन के बाद किसी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अधिवेशन में भाग नहीं लिया था। तिलक की मृत्यु 1 अगस्त, 1920 में हो गयी थी तथा कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन (1917) की अध्यक्षता श्रीमती एनी बेसेन्ट ने किया था, जो प्रथम महिला अध्यक्ष (विदेशी) थी। कांग्रेस के 1907 सूरत अधिवेशन की अध्यक्षता डॉ. रास बिहारी घोष ने की थी, इसमें ही कांग्रेस का प्रथम विभाजन हुआ था। कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन (1906) की अध्यक्षता दादा भाई नौरोजी ने किया था, जिसमें `स्वराज्य' का पहली बार उल्लेख हुआ।

5. (C)  9 अगस्त 1925 के काकोरी कांड में अशफाक उल्ला खाँ, राम प्रसाद बिस्मिल, रोशन सिंह, राजेन्द्र लाहिड़ी को फाँसी दे दी गयी। बटुकेश्वर दत्त ने भगत सिंह के साथ मिलकर 1929 में सेन्ट्रल लेजिस्लेटिव एसेम्बली पर बम फेंका बटुकेश्वर दत्त 1925 के बाद सक्रिय रहे। 

6. (D)  ब्रिटिश साम्राज्य के अधीन रहते हुए संवैधानिक तरीके से स्वशासन प्राप्त करने के उद्देश्य से सितम्बर, 1916 में एनीबेसेन्ट द्वारा होमरूल लीग की स्थापना की गयी। 
बाल गंगाधर तिलक ने 28 अप्रैल, 1916 ई. को महाराष्ट्र में होमरूल लीग की स्थापना की जिसका केन्द्र पूना, वेलगाँव व कर्नाटक था। लीग का मुख्य उद्देश्य यह था कि ‘अंग्रेजी साम्राज्य के अन्दर रहकर संवैधानिक संसाधनों द्वारा स्वराज प्राप्त किया जाये।’’ वर्ष 1918 में इन दोनों लीगों का विलय कर दिया गया।

7. (C)  सन् 1929 में अखिल भारतीय टे्रड यूनियन का विभाजन दो भागों में हो गया। एन.एम. जोशी के नेतृत्व में नरमपंथी लोगों ने टे्रड यूनियन से अलग होकर अखिल भारतीय टे्रड यूनियन फेंडरेशन  की स्थापना की। भारतीय टे्रड यूनियन कांग्रेस के विभाजन का महत्वपूर्ण कारण था, साम्यवादियों का इस पर बढ़ता हुआ प्रभाव। 1928 के झरिया अधिवेशन के समय तक ‘‘एटक’’ में कम्युनिष्टों समेत वामपंथियों की स्थिति काफी प्रभावशाली हो गयी थी। इसके बाद के सेशन की अध्यक्षता जब जवाहरलाल नेहरू कर रहे थे, एन.एम. जोशी के नेतृत्व में कुछ लोग इससे अलग हो गये इन लोगों ने 1929 मेें इण्डियन ट्रेड यूनियन फेडरेशन और यहीं से मजदूर आन्दोलन में अर्थवाद (इकोनोमिज्म) की प्रवृत्ति पनपनी शुरू हुई। 

8. (D)  असहयोग आन्दोलन की समाप्ति के पश्चात 1923 ई० को मोतीलाल नेहरू (सचिव), चितरंजनदास (अध्यक्ष), व देशबन्धु द्वारा इलाहाबाद में स्वराज पार्टी की स्थापना हुयी। इसका उद्देश्य कांग्रेस के अन्दर रहकर चुनावों में हिस्सा लेना और विधान परिषद में स्वदेशी सरकार के गठन की माँग उठाना तथा माँगे न मानने पर विधान परिषद की कार्यवाही में बाधा डालना।
1925 ई० को चितरंजन दास की मृत्यु हो जाने से स्वराज पार्टी शिथिल पड़ गया। 

9. (C)   उच्चतम न्यायालय ने इन री बेरुवारी यूनियन (1960) वाद में मत व्यक्त किया था कि उद्देशिका संविधान का अंग नहीं है। न्यायालय ने यह अभिनिर्धारित किया कि उद्देशिका को संविधान का प्रेरणातत्व भले ही कहा जाए, किन्तु उसे `संविधान का आवश्यक भाग' नहीं कहा जा सकता। बोम्मई बनाम यूनियन ऑफ इंडिया वाद में उच्चतम न्यायालय ने यह अभिनिर्धारित किया कि उद्देशिका संविधान का एक भाग है। केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य (1973) के मामले में भी उद्देशिका को संविधान का भाग माना गया है।

10. (B)  राष्ट्रपति पर महाभियोग की प्रक्रिया अनुच्छेद (61) (1) में दी गई है। राष्ट्रपति द्वारा संविधान के प्रावधानों के उल्लंघन पर संसद के किसी सदन द्वारा उस पर महाभियोग लगाया जा सकता है, परन्तु इसके लिए आवश्यक है कि राष्ट्रपति को 14 दिन पहले लिखित सूचना दी जाये जिस पर उस सदन के एक चौथाई सदस्यों के हस्ताक्षर हों। संसद के उस सदन जिसमें महाभियोग का प्रस्ताव पेश है, के दो तिहाई सदस्यों द्वारा पारित कर देने पर प्रस्ताव दूसरे सदन में जायेगा तब दूसरा सदन राष्ट्रपति पर लगाये गये आरोपों की जांच करेगा या करायेगा और ऐसी जांच में पारित हो जाता है तब राष्ट्रपति पर महाभियोग की प्रक्रिया पूरी समझी जायेगी और उसी तिथि से राष्ट्रपति को पदत्याग करना होगा।

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