प्रश्न-
1. कौन–सा यन्त्र रक्तदाब─मापन में प्रयुक्त होता है?
(a) ग्लूकोमीटर
(b) साइन─वेव इन्वर्टर
(c) स्फिमो─मैनोमीटर
(d) हाइग्रोमीटर
2. शरीर के अंदर के अंगों को देखने के लिए डॉक्टर एक एण्डोस्कोप का उपयोग करते हैं। यह निम्न सिद्धांत पर आधारित है-
(a) प्रकाश का अपवर्तन
(b) प्रकाश का परावर्तन
(c) प्रकाश का पूर्ण आंतरिक परावर्तन
(d) प्रकाश का वर्ण विक्षेपण
3. निम्नलिखित में से कौन-सा एक यशद पुष्प (Philosopher's Wool) कहलाता है?
(a) जिंक ब्रोमाइड
(b) जिंक नाइट्रेट
(c) जिंक ऑक्साइड
(d) जिंक क्लोराइड
4. निम्नलिखित में से किस काले पदार्थ में सर्वाधिक कार्बन अंश विद्यमान है?
(a) चारकोल (b) कोयला
(c) कोक (d) काजल
5. निम्नलिखित जंतुओं पर विचार कीजिए –
1. समुद्री गाय
2. समुद्री घोड़ा
3. समुद्री सिंह
उपर्युक्त में से कौन-सा/से स्तनधारी है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 1 और 3
(c) केवल 2 और 3
(d) 1, 2 और 3
6. एस्ट्रोजन किसके द्वारा उत्पादित होता है?
(a) अण्ड (b) पुटिका
(c) कॉरपस लूटियम (d) गर्भाशय
7. सैन्धव सभ्यता के पतन के कारणों में मार्टिनर व्हिलर और गार्डेन चाइल्ड के अनुसार निम्नलिखित में से सबसे महत्वपूर्ण कारण कौन था -
(a) बाढ़
(b) आर्यों का आक्रमण
(c) विदेशी व्यापार में ह्रास
(d) नदियों के प्रवाह में परिवर्तन
8. हड़प्पा सभ्यता में पक्की मिट्टी की र्मूितयों का निर्माण किस विधि से किया गया -
(a) एक साँचा पद्धति (b) दो साँचा पद्धति
(c) चिकोटी पद्धति (d) जोड़कर
9. ऐतरेय ब्राह्मण के अनुसार कहाँ के शासक सम्राट की उपाधि धारण करते थे?
(a) उत्तरकुरु (b) उत्तरमद्र
(c) भोज (d) प्राच्य
10. निम्नलिखित किस सल्तनत के शासक ने प्रशासन में स्वयं घूसखोरी को प्रोत्साहित किया था?
(a) बलबन (b) जलालुद्दीन
(c) फिरोज तुगलक (d) इब्राहीम लोदी
उत्तर-
1. (C) रक्त-दाब-मापन के लिए स्फिगमो-मैनोमीटर का प्रयोग किया जाता है। धमनियों में रुधिर का प्रवेश निलय के आकुंचन के कारण होता है। इस प्रकार रुधिर का जो दबाव धमनियों पर पड़ता है, उसे रक्त-दाब कहते हैं। हाइग्रोमीटर से सापेक्षित आन्द्र्रता, ग्लूकोमीटर से रक्त में उपस्थित ग्लूकोज की मात्रा मापी जाती है।
2. (C) प्रकाश एक प्रकार की ऊर्जा है जो विद्युत् चुम्बकीय तरंगों के रूप में संचारित होती है। इसका ज्ञान हमें आँखों द्वारा प्राप्त होता है। शरीर के अंदर के अंगों को देखने के लिए डॉक्टर एण्डोस्कोप का प्रयोग करता है यह प्रकाश के पूर्ण आंतरिक परावर्तन के सिद्धांत पर कार्य करता है।
3.(C) जिंक ऑक्साइड
4. (D) कार्बन आवर्त सारणी के चौथे उपवर्ग का तत्व है। उल्लेखनीय है कि कार्बन प्रकृति में मुक्त तथा अनेक यौगिकों के रूप में पाया जाता है। वायुमंडल में कार्बन, कार्बन-डाईऑक्साइड (CO2) के रूप में पाया जाता है। प्रश्न में उल्लिखित कार्बन के अपररूपों में काजल में सर्वाधिक कार्बन (95%) पाया जाता है। इसका काला रंग, जूते की पॉलिस तथा प्रिंटिंग स्याही आदि बनाने में उपयोग होता है।
5. (B) समुद्री गाय तथा समुद्री सिंह स्तनधारी हैं जबकि समुद्री घोड़ा सागरीय मछली की प्रजाति है।
6. (B) एस्ट्रोजन एस्टेराइड होता है जो ग्रैफियन-पुटिकाओं से निकलता है। यह यौवनावस्था में यौन लक्षणों (जैसे - गर्भाशय, योनि, अग्रशिश्न व स्तनों के विकास) को प्रेरित करता है। इसके फलस्वरूप मादा की आवाज में मधुरता, स्वभाव में शालीनता आ जाती है तथा मासिक धर्म प्रारम्भ हो जाता है। एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी से जनन क्षमता क्षीण हो जाती है, रजोनिवृति का आभास होने लगता है तथा स्तन ढ़लने लगते है।
7. (B) सैन्धव सभ्यता के पतन का कारण बाढ़ है। इसका उल्लेख मार्शल तथा एस.आर. राव ने किया जबकि एच.टी. लैम्ब्रिक ने नदियों के प्रवाह मार्ग में परिवर्तन को सैन्धव सभ्यता के पतन का कारण माना है जबकि कुछ विद्वानों ने शिल्प एवं उद्योग धन्धों के उत्पादन घटने के कारण विदेशी व्यापार में हुये ह्रास को सैन्धव सभ्यता के पतन का कारण माना है जबकि वी. गार्डन चाइल्ड, र्मािटमर ह्लीलर स्टुअर्ट पिग्गट ने आर्यों के आक्रमण को सैन्धव सभ्यता के पतन का सबसे मुख्य कारण माना है। इसलिये अरथों का आक्रमण ही इस सभ्यता के पतन का मुख्य कारण बना।
8. (C) हड़प्पा सभ्यता में नारी, पुरुष एवं पशु-पक्षियों की र्मूितयाँ व्यापक संख्या में मिलती है। इसमें पुरुष एवं नारी मृण्र्मूितयां ठोस है। इनका निर्माण हाथ से एवं चिकोटी पद्धति से किया गया है।
9. (D) प्राच्य पूर्व में है। ऐतरेय ब्राह्मण के अनुसार पूर्व दिशा (मगध, कलिंग एवं बंग आदि) के जो राजा हैं, उनका साम्राज्य के लिए अभिषेक होता है और वे ‘सम्राट’ कहलाते थे। दक्षिण दिशा में जो सात्वत (यादव) राज्य है, वहाँ का शासन ‘भोज्य’ है और उनके शासक ‘भोज’ कहलाते हैं। पश्चिम दिशा (सौराष्ट्र, कच्छ, सौवीर, आदि) का शासन स्वराज है और उनके शासक स्वराष्ट्र कहलाते हैं। उत्तर दिशा में हिमालय के क्षेत्र में (उत्तर कुरु उत्तर मद्र आदि) जो राज्य हैं, वहाँ वैराज्य प्रणाली है और वहाँ के शासक ‘विराट’ कहलाते हैं। मध्य देश (कुरु, पंचाल कौशल आदि) के राज्यों के शासक ‘राजा’ कहे जाते हैं। इस प्रकार ऐतरेय ब्राह्मण में, साम्राज्य, भोज्य, स्वराज, वैराज्य और राज्य इन पांच प्रकार की प्रणालियों का उल्लेख है। सम्राट वे शासक थे जो वंशक्रमानुगत होते हुए अपनी शक्ति के विस्तार के लिए अन्य राज्यों का मूलोच्छेद करने को तत्पर रहते थे। जरासंध आदि मगध सम्राट इसी प्रकार के थे।
10. (C) फिरोजशाह के शासनकाल में व्यापक भ्रष्टाचार था। अफीफ के अनुसार सुल्तान का वजीर खान-ए-जहाँ मकबूल स्वयं ईमानदारी के लिए प्रसिद्ध था किन्तु ऐसा वजीर भी भ्रष्टाचार को रोकने में असमर्थ था। अफीफ एक ऐसे घुड़सवार का जिक्र करता है जिसे सुल्तान ने अपने खजाने से एक टका दिया ताकि वह रिश्वत देकर अर्ज में अपने घोड़े पास करवा सके।
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