प्रतिदिन 10 प्रश्न और उत्तर (Q & A),(26-08-2022)

प्रश्न-


1. दिल्ली के किस सुल्तान ने ब्राह्मणों पर ज़िजया कर आरोपित किया था?
(a) बलबन
(b) अलाउद्दीन खिलजी
(c) कुतुबुद्दीन ऐबक
(d) फिरो़ज तुगलक

2. दु-अस्पा, सिह-अस्पा प्रथा किसने शुरू की थी?
(a) अकबर (b) जहांगीर
(c) शाहजहां (d) औरंगजेब

3. ‘‘इस निष्कर्ष से बचना कठिन है कि तथाकथित 1957 ई. का प्रथम राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम न तो प्रथम, न राष्ट्रीय और न स्वतंत्रता संग्राम था’’ यह किसका विचार है?
(a) जे.एन. सरकार
(b) आर.सी. मजूमदार
(c) एस.एन. सेन
(d) वी.डी. सावरकर

4. निम्नलिखित अंग्रेजों में से कौन सा जिसने सर्वप्रथम भगवद्गीता का अंग्रेजी में अनुवाद किया था?
(a) विलियम जोन्स
(b) चाल्र्स विल्किन्स
(c) अलेक्जेण्डर किंनघम
(d) जॉन मार्शल

5. कर्नल वाइली की हत्या के आरोप में किसे मृत्युदण्ड दिया गया? 
(a) मदनलाल धींगरा
(b) उधम सिंह
(c) भगत सिंह
(d) मन्मथनाथ

6. किसने कहा था, ``आलोचना और स्वतंत्र चिंतन एक क्रान्तिकारी की दो विशेषतायें हैं''?
(a) भगत सिंह ने
(b) राम प्रसाद बिस्मिल ने
(c) सचीन्द्रनाथ सान्याल ने
(d) भगवती चरण वोहरा ने

7. निम्न में से महात्मा गाँधी का भारत में पहला सत्याग्रह कौन-सा था?
(a) अहमदाबाद
(b) बारदोली
(c) चम्पारण
(d)  वैयक्तिक

8. कथन (A) : खिलाफत आन्दोलन ने शहरी मुस्लिम को राष्ट्रीय आन्दोलन के घेरे में ला दिया।
कारण (R) : राष्ट्रीय और खिलाफत दोनों आन्दोलनों में साम्राज्यवाद विरोध एक प्रबल तत्व था।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए –
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं, और (R), (A) का सही स्पष्टीकरण है
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं, परन्तु (R), (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है
(c) (A) सही है, परन्तु (R)  गलत है
(d) (A) गलत है, परन्तु (R)  सही है

9. ‘भारतीय राष्ट्रीय ध्वज’ में चक्र किसका प्रतीक है?
(a) स्वतंत्रता का (b) न्याय का
(c) समानता का (d) भाईचारे का

10. संघ का यह कर्तव्य होगा कि वह बाह्य आक्रमण तथा आन्तरिक गड़बड़ी से प्रत्येक राज्य की रक्षा करे। ऐसा प्रावधान भारतीय संविधान के निम्न अनुच्छेदों में से किस एक में है?
(a) अनुच्छेद 215 (b) अनुच्छेद 275
(c) अनुच्छेद 325 (d) अनुच्छेद 355



उत्तर-


1. (D)  सुल्तान फिरोजशाह तुगलक ने 1376 ई. में ब्राह्मणों पर भी जजिया कर आरोपित किया था, जबकि वे (ब्रह्मण) अभी तक इस कर से मुक्त रखे गये थे। अन्य वर्गों से भी जजिया की वसूली में उसने विशेष तत्परता दिखाई।

2. (B)  मनसबदारी व्यवस्था की शुरूआत 1857 में अकबर ने की थी। मनसबदार के साथ 1594-95 ई० से सवार का पद भी जुड़ने लगा। इस तरह अकबर के शासन काल में मनसबदारी प्रथा कई चरणों से गुजरकर उत्कर्ष पर पहुंची। जहांगीर ने मनसबदारी व्यवस्था में कुछ परिवर्तन करते हुए सवार पद में दु-अस्पा एवं सिह अस्पा की व्यवस्था की। 1. दु-अस्पा में मनसबदारों को अपने सवार पद के दोगुने घोड़े रखने होते थे, जबकि 2. सिंह-अस्पा में मनसबदारों को अपने सवार पद के तीन गुने घोड़े रखने पड़ते थे। शाहजहां ने अपने शासन काल में मनसबदारी व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार को रोकने के लिए उन मनसबदारों के लिए नियम बनाया, जो अपने पद की तुलना में घुड़सवारों की संख्या कम रखते थे। औरंगजेब के समय में सक्षम मनसबदारों के किसी महत्वपूर्ण पद पर जैसे फौजदार या किलेदार आदि पद पर नियुक्त या फिर किसी महत्वपूर्ण अभियान पर जाते समय उसके सवार पद में अतिरिक्त वृद्धि का एक और माध्यम निकाला गया, जिसे मशरुत कहा गया।

3. (B)  आर.सी. मजूमदार ने अपनी पुस्तक Sepoy Mutiny and the Revolt of 1857 में कहा कि इस निष्कर्ष से बचना कठिन है कि-‘‘यह तथाकथित प्रथम राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम न तो प्रथम, न ही राष्ट्रीय और न स्वतंत्रता संग्राम था।’’ 
4. (B) वारेन हेस्टिग्स के समय एक अंग्रेजी अनुवाद विभाग की स्थापना की गयी। इसी के अन्तर्गत चाल्र्स विल्किंस ने नवम्बर 1784 ई. में श्रीमद्भगवत्गीता का सर्वप्रथम अंग्रेजी में अनुवाद किया। 1787 ई. में विल्किंस ने ‘हितोपदेश’ का अंग्रेजी में अनुवाद किया। 1781 ई. में विलियम जोन्स ने ‘अभिज्ञान शाकुंतलम’ का अंग्रेजी में अनुवाद किया। 1782 ई. में मनुस्मृति का ‘इंस्टीट्यूट ऑफ हिन्दू लॉ’ के नाम से अँग्रेजी में अनुवाद किया गया। 1782 में विलियम जोन्स ने ‘गीतगोविन्द’ का अंग्रेजी में अनुवाद किया।   

5. (A) इण्डियन होमरूल सोसाइटी, जिसकी स्थापना श्यामजी कृष्ण वर्मा 1905 में लंदन में की थी, के प्रमुख सदस्य मदनलाल धींगरा ने 1 जुलाई 1909 को भारत सचिव के राजनीतिक सलाहकार कर्नल वाइली को गोली मारकर हत्या कर दी। धींगरा को गिरफ्तार करके फांसी दे दी गयी। 

6. (A)  ``आलोचना और स्वतंत्र चिन्तन एक क्रांतिकारी की दो विशेषताएँ हैं''। उपरोक्त कथन का उल्लेख भगत िंसह ने अपनी जेल यात्रा के दौरान विभिन्न पत्र व्यवहारों में किया था।

7. (C)  गाँधी जी के नेतृत्व में बिहार के चम्पारण में 1917 ई. में हुए सत्याग्रह को चम्पारण सत्याग्रह कहा जाता है। गाँधी जी के नेतृत्व में यह भारत में होने वाला पहला सत्याग्रह था। चम्पारण में अंग्रेज किसानों को अपनी जमीन के 3/20 वें हिस्से पर नील की खेती हेतु मजबूर करते थे। इसे तिनकठिया पद्धति कहते थे। इस अत्याचार से किसानों को मुक्त कराने हेतु ही गाँधी जी ने सत्याग्रह किया।

8. (A)  प्रथम विश्व युद्ध में भारतीय मुसलमानों ने मित्र देशों के विरुद्ध लड़ रहे तुर्की के खिलाफ अंग्रेजों को इस शर्त पर सहायता व समर्थन दिया था कि युद्ध के बाद तुर्की साम्राज्य का विघटन नहीं किया जायेगा। परन्तु वादे के विपरीत युद्ध के बाद ब्रिटिश सरकार ने तुर्की साम्राज्य को विघटित करने का निश्चय किया। इनकी तीव्र प्रतिक्रिया में अली बंधुओं (मुहम्मद अली तथा शौकत अली) के नेतृत्व में खिलाफत आन्दोलन प्रारम्भ हो गया। खिलाफत आन्दोलन ने उस समय अधिक जोर पकड़ लिया जब उसमें गाँधी जी शामिल हो गये। गाँधी जी ने खिलाफत आन्दोलन को हिन्दू-मुस्लिम एकता तथा तत्कालीन राष्ट्रीय असहयोग आन्दोलन में मुस्लिमों की भागीदारी का सुनहरा अवसर माना। राष्ट्रीय असहयोग आन्दोलन तथा खिलाफत आन्दोलन दोनों में एकता का प्रमुख तत्व इनका ब्रिटिश साम्राज्यवाद विरोधी होना था। ब्रिटिश साम्राज्यवाद विरोधी भावनाओं के कारण ही खिलाफत आन्दोलन ने शहरी मुसलमानों को राष्ट्रीय आन्दोलन में भागीदारी हेतु प्रेरित किया। इसके परिणामस्वरूप 1920 के असहयोग आन्दोलन में पढ़े-लिखे मुसलमानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

9. (B) भारतीय राष्ट्रीय ध्वज में चक्र ‘न्याय’ के साथ-साथ गतिशीलता का प्रतीक है, जिसे राधाकृष्णन ने संविधान सभा में स्पष्ट किया था। भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा है। इसमें तीन समान चौड़ाई की क्षैतिज पट्टियाँ हैं। सबसे ऊपर केसरिया, बीच में सफेद तथा नीचे हरा समृद्धि का प्रतीक हैं तिरंगा की श्वेत पट्टी के बीच में एक चक्र है, जिसका रंग नीला है और उसमें 24 तीलियाँ हैं। यह चक्र मौर्य सम्राट अशोक द्वारा सारनाथ में स्थापित सिंह शीर्ष स्तम्भ से गृहीत है। ध्वज की लम्बाई और चौड़ाई का अनुपात  3 : 2 है। 

10. (D)  अनु. 352 — राष्ट्रपति को यह समाधान हो जाने पर कि युद्ध, बाह्य आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह से राज्य या राज्य के किसी भाग में सुरक्षा संकट में है, तो आपात काल की घोषणा कर सकता है।
अनु. 355– बाह्य आक्रमण और आंतरिक अशांति से राज्य की संरक्षा करने का संघ का कत्र्तव्य।
अनु.—356 — राज्यों में संवैधानिक- तंत्र विफल हो जाने पर आपात उपबंध। 

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