प्रश्न-
1. निम्न में से कौन सा अभिलेख उत्तर प्रदेश से संबंधित है–
(a) महास्थान अभिलेख (b) कालसी अभिलेख
(c) सोहगौरा अभिलेखन (d) गुर्जरा अभिलेख
2. सिन्धु घाटी सभ्यता का कौन-सा स्थान अब पाकिस्तान में है?
(a) कालीबंगा (b) हड़प्पा
(c) लोथल (d) आलमगीरपुर
3. सुरा की आहुति का सम्बन्ध है-
(a) अश्वमेध से (b) राजसूय से
(c) वाजपेय से (d) सौत्रामणि से
4. किस आधुनिक अंचल से प्राचीन पांचाल की पहचान की जा सकती है-
(a) मेरठ (b) अवध
(c) बुन्देलखण्ड (d) रुहेलखण्ड
5. गौतम बुद्ध ने अपनी मृत्यु के उपरान्त बौद्ध संघ के नेतृत्व के लिये निम्न में से किसे नामित किया था?
(a) आनन्द (b) महाकस्सप
(c) उपालि (d) उपर्युक्त में कोई नहीं
6. निम्नलिखित मौर्य शासक बौद्ध धर्म के अनुयायी थे–
1. चन्द्रगुप्त 2. अशोक
3. बिंदुसार 4. दशरथ
सही उत्तर चुनिये –
(a) 1 एवं 2 (b) 2 एवं 3
(c) 3 एवं 4 (d) 2 एवं 4
7. सूची Iको सूची II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
सूची I सूची II
(मध्यकालीन मंदिर) (अवस्थान)
A. चतुर्भुज मंदिर 1. ग्यारसपुर
B. मालादेवी मंदिर 2. खजुराहो
C. ऐरावतेश्वर मंदिर 3. जगत
D. अम्बामाता मंदिर 4. दारासुरम
कूट :
A B C D A B C D
(a) 2 4 1 3 (b) 2 1 4 3
(c) 3 4 1 2 (d) 3 1 4 2
8. निम्नलिखित कथनों में से कौन अलबरूनी के सम्बन्ध में सही नहीं है?
(a) वह एक धर्मनिरपेक्ष लेखक था।
(b) उसका ग्रन्थ उस समय के जीवंत भारत से प्रभावित था।
(c) वह संस्कृत का विद्वान था।
(d) वह त्रिकोणमिति का विशेषज्ञ था।
9. इतिहासकार जियाउद्दीन बरनी के अनुसार दिल्ली का आदर्श सुल्तान था :
(a) बलबन (b) अलाउद्दीन खलजी
(c) फिरोज शाह तुगलक (d) बहलोल लोदी
10. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
(a) फिरोजशाह तुगलक ने जौनपुर नगर की स्थापना की थी
(b) फिरोजशाह तुगलक ने दार-उल-शफा स्थापित किये थे
(c) फिरोजशाह तुगलक ने दासों के रख-रखाव के लिए दीवान-ए-बंदगान स्थापित किया
(d) फिरोजशाह तुगलक ने अपनी आत्मकथा तुर्की भाषा में लिखी थी
उत्तर-
1. (C): सोहगौरा अभिलेख उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से संबंधित है। इस अभिलेख में अकाल के समय अन्न को कैसे सुरक्षित रखा जाए, वर्णित किया गया है। यह अभिलेख सम्राट अशोक से संबंधित है।
2. (B): हड़प्पा वर्तमान में पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त के मान्टगोमरी जिले में रावी नदी के किनारे स्थित है। सर्वप्रथम वर्ष 1921 में दयाराम साहनी द्वारा उत्खनन करके प्राचीन सिन्धु घाटी सभ्यता का उद्घाटन किया गया था। सैंधव सभ्यता के स्थल कालीबंगा राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में घग्घर नदी के बायें किनारे पर स्थित है। इसकी खुदाई वर्ष 1961 में बी. बी. लाल तथा वी. के. थापर द्वारा की गयी। जबकि लोथल गुजरात राज्य में स्थित है। इसकी खुदाई वर्ष 1955-62 के मध्य एस. आर. राव द्वारा की गयी थी। आलमगीरपुर पुरास्थल हिण्डन नदी के किनारे उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में स्थित है। इसकी खोज वर्ष 1958 में यज्ञदत्त शर्मा ने किया।
3. (D): यजुर्वेद में विभिन्न यज्ञ तथा यज्ञीय विधि-विधानों का वर्णन है। सौत्रामणि यज्ञ में पशु और सुरा की आहुति दी जाती थी। ऋग्वेद में भी सुरा का उल्लेख मिलता है। सोम तथा सुरा आर्यों के मुख्य पेय थे। सोम अपनी मादकता के लिए विख्यात था। जिसे मूजवन्त पर्वत पर प्राप्त किया जाता था। यज्ञों के अवसर पर सोमरस पान करने तथा देवताओं को पीने के लिए उसे समर्पित करने की प्रथा थी। ऋग्वेद के नवें मण्डल में सोम की स्तुति में कई सूक्त मिलते हैं। एक स्थान पर कण्व ऋषि दावा करते हैं कि सोम, रस पीने के बाद उन्होंने अमरत्व प्राप्त कर लिया है तथा देवताओं को जान लिया है। ऋग्वेद में सुरा के दुष्परिणामों का उल्लेख हुआ है तथा बताया गया है कि लोग इसे पीकर मदांध हो जाते थे। सभा और समितियों में लड़ने झगड़ने लगते थे। सुरा की गणना क्रोध, द्यूत, अज्ञान आदि अनिष्ट वस्तुओं के साथ की गयी है। इसलिए इसे निन्दनीय तथा त्याज्य बताया गया है।
4. (D): 6ठीं शताब्दी ई.पू. के प्रारम्भ में उत्तर भारत में सार्वभौम सत्ता का अभाव था। अंगुत्तर निकाय के अनुसार समस्त भारत में उस समय 16 बड़े राज्य थे। काशी-उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद में अवस्थित था। यहाँ का सर्वाधिक शक्तिशाली राजा ब्रह्मदत्त था। कोशल उत्तर प्रदेश के पैâजाबाद जिले में है जिसकी राजधानी श्रावस्ती थी। अंग-बिहार में था जिसकी राजधानी चम्पा थी। मगध बिहार में था जिसकी राजधानी गिरिव्रज थी। उत्तर भारत का प्रमुख राजनीतिक केन्द्र था। वज्जि यह 8 राज्यों का संघ था। मल्ल पूर्वी उ.प्र. के देवरिया में था। चेदि आधुनिक बुन्देलखण्ड में था जिसकी राजधानी सोष्टिकावटी थी। वत्स उ.प्र. में प्रयागराज (इलाहाबाद) में था जिसकी राजधानी कौशाम्बी थी। कुरू-मेरठ एवं दिल्ली में था जिसकी राजधानी इन्द्रप्रस्थ थी। पांचाल आधुनिक रुहेलखण्ड के बरेली, बदायूँ फर्रुखाबाद के जिलों से मिलकर बना है। प्रारम्भ में इसके दो भाग थे- (1) उत्तरी पांचाल जिसकी राजधानी अहिच्छत्र थी। दक्षिणी पांचाल जिसकी राजधानी काम्पिल्य थी। मत्स्य राजस्थान में था जिसकी राजधानी विराटनगर थी। शूरसेन-मथुरा क्षेत्र में था जिसकी राजधानी मथुरा थी। अवन्ति मालवा क्षेत्र में था जिसकी राजधानी तक्षशिला थी। कम्बोज- कश्मीर में था जिसकी राजधानी राजपुर या हाटक थी।
5. (D): सारनाथ में ही गौतम बुद्ध ने पाँच संन्यासियों के साथ संघ की स्थापना की। इनके नजदीकी शिष्यों में आनंद, उपालि, सारिपुत्र, मौद्गलायन आदि थे, जिनमें सर्वाधिक नजदीक आनंद थे। गौतम बुद्ध ने अपने प्रिय शिष्य आनंद के अनुरोध पर संघ में महिलाओं को प्रवेश दिया। संघ में प्रवेश पाने वाली प्रथम महिला इनकी सौतेली माँ प्रजापति गौतमी थी। गौतम बुद्ध ने अपनी मृत्यु के उपरान्त बौद्ध संघ के नेतृत्व के लिए किसी को भी नामित नहीं किया था। ज्ञातव्य है कि प्रथम बौद्ध संगीति 489 ई.पू. राजगृह में अजातशत्रु के शासनकाल में हुयी, जिसके अध्यक्ष महाकश्यप थे। इसी संगीति में बुद्ध के उपदेशों को दो-पिटकों सुत्त पिटक और विनय पिटक में बाँटकर संकलित किया गया।
6. (D): अशोक एवं उसका पौत्र दशरथ दोनों बौद्ध धर्म के अनुयायी थे। दशरथ मौर्य साम्राज्य का चौथा शासक था जिसका काल 224-216 ई. पूर्व हमें ज्ञात होता है। वहीं दशरथ ने अपने पितामह अशोक की तरह देवनांप्रिय की उपाधि धारण की तथा आजीविकों के लिए गुफाएं दान की थी। जबकि चन्द्रगुप्त मौर्य जैन समर्थक था। बिन्दुसार आजीवक सम्प्रदाय का अनुयायी था। अशोक ने बौद्ध धर्म का प्रचार अपनी धर्म यात्राओं से प्रारम्भ किया। उसने अपने अभिषेक के दसवें वर्ष बोधगया की यात्रा की। यह उसके जीवनकाल की पहली धर्मयात्रा थी। अपने अभिषेक के तेरहवें वर्ष बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए अशोक ने पदाधिकारियों का एक नवीन वर्ग बनाया, जिसे धम्म महामात्र कहा गया।
7. (B): मध्यकालीन मंदिर अवस्थान
चतुर्भुज मंदिर खजुराहो
मालादेवी मंदिर ग्यारसपुर
ऐरावतेश्वर मंदिर दारासुरम
अम्बामाता मंदिर जगत
8. (A): अलबरूनी (973-1048) एक फारसी विद्वान, लेखक, वैज्ञानिक, धर्मज्ञ तथा विचारक था। अलबरूनी की रचनाएँ अरबी भाषा में है। उसका जन्म ख्वारिज्म उज्बेकिस्तान में 973 ई. में हुआ था। उसे फारसी के अलावा सीरियाई, संस्कृत तथा यूनानी भाषा की भी जानकारी थी। परंतु अलबरूनी एक धर्मनिरपेक्ष लेखक नहीं था।
9. (C): इतिहासकार जियाउद्दीन बरनी के अनुसार दिल्ली का आदर्श सुल्तान फिरोजशाह तुगलक था। बरनी एवं अफीफ दोनों फिरोज शाह तुगलक को आदर्श एवं श्रेष्ठ सुल्तान मानते हैं।
10. (D): फिरोजशाह तुगलक के संदर्भ में दिये गये चारों कथन सत्य हैं। उसने स्वयं आत्मकथा `फुतुहात-ए-फिरोजशाही' नामक ग्रंथ फारसी भाषा में लिखा था। उसने फिरोजाबाद, दिल्ली में कोटला फिरोजशाह, फतेहाबाद, हिसार, जौनपुर और फिरोजपुर आदि महत्वपूर्ण नगरों की स्थापना की। उसने `दार-उल-शफा' नामक एक राजकीय अस्पताल की स्थापना की, जिसमें इलाज मुफ्त होता था। फिरोजशाह दासों का बहुत शौकीन था, उसने दासों के रखरखाव के लिए एक पृथक विभाग `दीवान-ए-बंदगान' की स्थापना की थी।
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