मधुमक्खियों के लिए दुनिया की पहली वैक्सीन

  • मधुमक्खियों के लिए दुनिया की पहली वैक्सीन के इस्तेमाल को अमेरिका ने मंजूरी दे दी है।
  • वैक्सीन को अमेरिकी फुलब्रूड रोग से होने वाली मौतों को रोकने के लिए तैयार किया गया था।
  • अमेरिकन फुलब्रूड रोग एक जीवाणु रोग है। यह मधुमक्खियों के लार्वा पर हमला करता है। इसका कोई इलाज नहीं है।
  • वैक्सीन में बैक्टीरिया, पैनीबैसिलस लार्वा होता है जो अमेरिकी फुलब्रूड रोग का कारण बनता है।
  • वैक्सीन निष्क्रिय बैक्टीरिया को रॉयल जेली में प्रवेश कराता है, जिसे रानी मधुमक्खी को खिलाया जाता है। इसके बाद रानी मधुमक्खी के लार्वा रोग प्रतिरोधक क्षमता हासिल कर लेते हैं।
  • यूएस डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर (यूएसडीए) के अनुसार, शहद वाले मक्खियों को खतरा पैदा करने वाले कारक परजीवी, कीट, रोग और कॉलोनी पतन विकार हैं।
  • कॉलोनी कोलैप्स डिसऑर्डर (कॉलोनी पतन विकार) में वर्कर मधुमक्खियां अपना छत्ता छोड़कर रानी को छोड़ जाती हैं।
  • परागणकों के रूप में मधुमक्खियां पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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