लद्दाख की पहली जैव विविधता विरासत स्थल


  • याया त्सो को जैव विविधता अधिनियम के तहत लद्दाख की पहली जैव विविधता विरासत स्थल (बीएचएस) के रूप में प्रस्तावित किया गया।
  • भारत सरकार-यूएनडीपी-जीईएफ सिक्योर हिमालय परियोजना के साथ जैव विविधता प्रबंधन समिति, चुमाथांग गांव की पंचायत ने याया त्सो को लद्दाख का पहला बीएचएस घोषित करने का संकल्प लिया।
  • प्रस्तावित याया त्सो साइट का क्षेत्रफल लगभग 60 वर्ग किलोमीटर होगा। इसमें झील का वाटरशेड (जल विभाजक) भी शामिल होगा।
  • याया त्सो 4,820 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। माहे मठ से त्सोमोरिरी झील के रास्ते से यहां पहुंचा जा सकता है।
  • याया त्सो बार हेडेड बत्तख, काली गर्दन वाली सारस (क्रेन) और ब्राह्मणी बत्तख जैसे पक्षियों के लिए घोंसला बनाने (नेस्टिंग) का आवास है।
  • यह भारत में काली गर्दन वाली सारस (क्रेन) के उच्चतम प्रजनन स्थलों में से एक है।

Post a Comment

Previous Post Next Post

Featured Post

India Launches Maritime Insurance Pool

On May 12, 2026, the Government of India launched the ‘Bharat Maritime Insurance Pool’ (BMIP) in New Delhi. The objective of this initiative...

Popular Posts