सारेक्स-24

  • 28 से 29 नवंबर 2024 को, भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard - ICG) कोच्चि में सारेक्स-24 (SAREX-24) का आयोजन करेगा, जो अब तक का सबसे बड़ा राष्ट्रीय समुद्री खोज और बचाव अभ्यास (National Maritime Search and Rescue Exercise) होगा। 
  • यह आयोजन समुद्री सुरक्षा, आपातकालीन प्रतिक्रियाओं, और अंतर-एजेंसी सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
  • सारेक्स-24 का विषय "क्षेत्रीय सहयोग के माध्यम से एसएआर क्षमताओं को बढ़ाना" है।


  • सारेक्स-24 (SAREX-24) का उद्देश्य:

    1. समुद्री खोज और बचाव क्षमता का परीक्षण:

      • सारेक्स-24 का मुख्य उद्देश्य समुद्र में विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों में खोज और बचाव (Search and Rescue, SAR) की क्षमताओं का परीक्षण करना है। इस अभ्यास में भारतीय तटरक्षक बल, भारतीय नौसेना, पुलिस, और अन्य संबंधित एजेंसियाँ शामिल होंगी।
    2. समुद्री दुर्घटनाओं में त्वरित प्रतिक्रिया:

      • इस अभ्यास के माध्यम से विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया को सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि समुद्र में दुर्घटनाओं या अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी तरीके से सहायता प्रदान की जा सके।
    3. नई तकनीकों और उपकरणों का परीक्षण:

      • इसमें समुद्री खोज और बचाव के लिए नई तकनीकों, उपकरणों और रणनीतियों का परीक्षण किया जाएगा, जैसे ड्रोन, सैटेलाइट संचार, और खोज-बचाव नौकाओं का उपयोग।
    4. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समन्वय:

      • यह अभ्यास राष्ट्रीय स्तर पर समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ, अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा सहयोग को भी बढ़ावा देगा। विभिन्न देशों और एजेंसियों के साथ समन्वय में काम करने की क्षमता का परीक्षण किया जाएगा।
    5. समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देना:

      • सारेक्स-24 का आयोजन भारतीय तटरक्षक बल के द्वारा समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देने और समुद्र में होने वाली किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने की क्षमता को मजबूत करने के लिए किया जाता है।

    अभ्यास में शामिल प्रमुख तत्व:

    • समुद्री खोज और बचाव अभियान:

      • अभ्यास के दौरान, विभिन्न समुद्री दुर्घटनाओं की स्थिति का निर्माण किया जाएगा, जैसे समुद्री टक्कर, पानी में गिरना, या सुनामी जैसी आपात स्थितियाँ, जिनमें त्वरित बचाव और राहत की आवश्यकता होगी।
    • अंतर-एजेंसी सहयोग:

      • भारतीय तटरक्षक बल के साथ भारतीय नौसेना, वायुसेना, राज्य पुलिस, मछुआरों की समितियाँ, और अन्य संबंधित एजेंसियाँ भी मिलकर समुद्री खोज-बचाव के कार्यों में सहयोग करेंगी।
    • मानव जीवन के बचाव पर ध्यान:

      • इस अभ्यास में मानव जीवन बचाने के उपायों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि समुद्र में किसी प्रकार की दुर्घटना के बाद त्वरित मदद दी जा सके।

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