भारत का पहला वन्यजीव बायोबैंक


  • दार्जिलिंग चिड़ियाघर (Darjeeling Zoo) में भारत का पहला वन्यजीव बायोबैंक (Wildlife Biobank) खोला गया है। 
  • यह बायोबैंक वन्यजीवों के जैविक संसाधनों को संरक्षित करने और शोध कार्यों के लिए उपयोगी होगा। 
  • इसमें विभिन्न वन्यजीवों के DNA, रक्त, वीर्य, अंडाणु, और अन्य जैविक सामग्री को संग्रहित किया जाएगा, जिससे उनकी नस्लों का संरक्षण किया जा सके और साथ ही साथ प्रजनन संबंधी शोध को भी बढ़ावा मिलेगा।
बायोबैंक के बारे में जानकारी:

  1. संकल्पना: बायोबैंक का उद्देश्य वन्यजीवों की आनुवंशिक विविधता और जैविक सामग्री का संग्रहण करना है, ताकि संकटग्रस्त प्रजातियों को संरक्षित किया जा सके और भविष्य में प्रजनन कार्यक्रमों के लिए उपयोग किया जा सके।

  2. सामग्री का संग्रह: बायोबैंक में वन्यजीवों के DNA, रक्त, वीर्य, अंडाणु और अन्य जैविक सामग्री को सुरक्षित रूप से रखा जाएगा।

  3. प्रमुख उद्देश्य: संकटग्रस्त प्रजातियों की प्रजनन क्षमता बढ़ाने, उनकी नस्लों के संरक्षण और जैविक विविधता को बचाने के लिए यह एक महत्त्वपूर्ण पहल है।

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