INS तमाल भारतीय नौसेना में शामिल

  • भारतीय नौसेना ने अपना अत्याधुनिक स्टील्थ मल्टी-रोल फ्रिगेट आईएनएस तमाल (INS Tamal) को 1 जुलाई 2025 को औपचारिक रूप से अपने बेड़े में शामिल कर लिया है। 
  • यह कमीशनिंग समारोह रूस के कैलिनिनग्राद स्थित यांतर शिपयार्ड (Yantar Shipyard) में आयोजित किया गया।

आईएनएस तमाल की मुख्य विशेषताएं और महत्व:

  • उन्नत स्टील्थ क्षमताएं: यह एक मल्टी-रोल स्टील्थ फ्रिगेट है, जिसका अर्थ है कि इसे दुश्मन के रडार से बचना मुश्किल होगा। इसका डिज़ाइन इसे उन्नत स्टील्थ सुविधाएँ और अधिक स्थिरता प्रदान करता है।

  • परियोजना 1135.6 का हिस्सा: आईएनएस तमाल 'प्रोजेक्ट 1135.6' श्रृंखला का आठवां और 'तुशील' श्रेणी के फॉलो-ऑन जहाजों में दूसरा पोत है। इस श्रेणी का पहला जहाज, आईएनएस तुशील (INS Tushil), दिसंबर 2024 में शामिल किया गया था।

  • बहु-आयामी युद्ध क्षमता: इसे वायु, सतह, पानी के नीचे और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक युद्ध सहित नौसेना युद्ध के सभी चार आयामों में संचालन के लिए डिज़ाइन किया गया है।

  • घातक हथियार प्रणाली:

    • इसमें ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें तैनात हैं, जो सतह और भूमि दोनों पर लक्ष्यों को भेदने में सक्षम हैं।

    • ऊर्ध्वाधर रूप से लॉन्च की जाने वाली लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, जैसे कि स्टील-1 (Shtil-1), भी इसमें शामिल हैं।

    • अन्य हथियारों में एक 100 मिमी मुख्य तोप, 30 मिमी क्लोज-इन वेपन सिस्टम (CIWS), पनडुब्बी रोधी रॉकेट और भारी टारपीडो शामिल हैं।

    • यह कामोव-28 और कामोव-31 हेलीकॉप्टरों को भी ले जा सकता है, जो पनडुब्बी रोधी युद्ध और हवाई प्रारंभिक चेतावनी भूमिकाओं के लिए उपयोगी हैं।

  • स्वदेशीकरण: हालांकि यह रूस में निर्मित हुआ है, इसमें 26% स्वदेशी घटक शामिल हैं। यह 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के अनुरूप भारतीय उद्योगों द्वारा विकसित कई प्रणालियों को एकीकृत करता है।

  • भारत-रूस सहयोग: यह भारत और रूस के बीच मजबूत नौसैनिक सहयोग का प्रतीक है।

  • अंतिम विदेशी-निर्मित युद्धपोत: आईएनएस तमाल भारतीय नौसेना में शामिल होने वाला अंतिम विदेशी-निर्मित युद्धपोत है। इसके बाद, सभी युद्धपोतों का निर्माण भारत में ही किया जाएगा, जो 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियानों को और बढ़ावा देगा।

  • पश्चिमी बेड़े में शामिल: कमीशनिंग के बाद, आईएनएस तमाल पश्चिमी बेड़े - भारतीय नौसेना की 'द स्वॉर्ड आर्म' का हिस्सा होगा, जो पश्चिमी नौसेना कमान के अधीन है।

  • चालक दल और नामकरण: जहाज का नेतृत्व कैप्टन श्रीधर टाटा कर रहे हैं। 'तमाल' नाम इंद्र द्वारा युद्ध के लिए इस्तेमाल की जाने वाली पौराणिक तलवार का प्रतीक है, और इसका शुभंकर भारतीय पौराणिक कथाओं के 'जाम्बवंत' (अमर भालू राजा) और रूसी राष्ट्रीय पशु - यूरेशियन भूरे भालू के संगम से प्रेरित है। इसके चालक दल को 'द ग्रेट बियर्स' कहा जाता है।

Post a Comment

Previous Post Next Post

Featured Post

Lieutenant General Dhiraj Seth becomes the country's new Army Chief

On June 13, 2026, the Government of India announced the appointment of Lieutenant General Dhiraj Seth as the next Chief of Army Staff of the...

Popular Posts