- भारत ने अपना पहला स्वदेशी एंटीबायोटिक, नैफिथ्रोमाइसिन, विकसित किया है।
- नैफिथ्रोमाइसिन दवा-प्रतिरोधी श्वसन संक्रमणों के विरुद्ध प्रभावी है।
- यह एंटीबायोटिक विशेष रूप से कैंसर रोगियों और अनियंत्रित मधुमेह वाले व्यक्तियों के लिए फायदेमंद है।
- नैफिथ्रोमाइसिन भारत में पूरी तरह से परिकल्पित, विकसित और चिकित्सकीय रूप से परीक्षण किया गया पहला अणु है।
- यह दवा जैव प्रौद्योगिकी विभाग और निजी फार्मा कंपनी वॉकहार्ट के बीच सहयोग से बनाई गई है।
- डॉ. जितेंद्र सिंह ने इसे भारत के बायोफार्मा विकास को गति देने वाली सफल उद्योग-अकादमिक साझेदारी का एक आदर्श उदाहरण बताया।
- मंत्री महोदय ने "मल्टी-ओमिक्स डेटा एकीकरण और विश्लेषण के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग" विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन किया।
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