- भारतीय सेना ने भविष्य की युद्ध तैयारियों को मजबूत करने के लिए वर्ष 2026 को 'नेटवर्किंग और डेटा केंद्रितता का वर्ष' घोषित किया है।
- इस पहल का उद्देश्य सेना भर में कनेक्टिविटी, वास्तविक समय पर निर्णय लेने की क्षमता और समग्र युद्ध प्रभावशीलता को बढ़ाना है।
- इस डेटा-संचालित परिवर्तन के माध्यम से भविष्य के लिए तैयार सेना के लिए अधिक लचीलापन और चपलता प्राप्त होने की उम्मीद है।
- सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी द्वारा जारी नव वर्ष संदेश में इस घोषणा पर प्रकाश डाला गया।
- भारतीय सेना को परिवर्तन के एक दशक से गुजर रही बताया गया, जिसमें संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार को इसके मुख्य स्तंभ के रूप में पहचाना गया है।
- स्वदेशी प्रौद्योगिकियों, नए विचारों और निरंतर सुधारों को सेना को अधिक सक्षम बनाने में प्रमुख कारक के रूप में बल दिया गया है।
- नेटवर्किंग और डेटा केंद्रितता को चल रही परिवर्तन प्रक्रिया को नई गति प्रदान करने वाला बताया गया है।
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