- मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) ने 2026-27 के घरेलू सीज़न से ‘खिलाड़ी अनुबंध प्रणाली’ (Player Contract System) शुरू करने की घोषणा की है।
- हाल ही में हुई एपेक्स काउंसिल की बैठक में इस फ़ैसले को मंज़ूरी दी गई, जिसके साथ ही MCA भारत का पहला ऐसा राज्य क्रिकेट एसोसिएशन बन गया है जिसने इस तरह का एक व्यवस्थित पारिश्रमिक मॉडल लागू किया है।
- इस पहल का उद्देश्य घरेलू खिलाड़ियों को वित्तीय स्थिरता प्रदान करना है, विशेष रूप से उन खिलाड़ियों को जो IPL जैसी ज़्यादा पैसे देने वाली लीगों या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शामिल नहीं हो पाते हैं।
- मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने सालाना खिलाड़ियों के कॉन्ट्रैक्ट और ग्रेड के हिसाब से सैलरी का ढांचा पेश करके एक अहम कदम उठाया है।
- उम्मीद है कि इस सुधार से पूरे भारत में घरेलू क्रिकेटरों को मिलने वाली आर्थिक मदद का तरीका बदल जाएगा।
- इस कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम के तहत खिलाड़ियों को तीन ग्रेड में बांटा जाएगा:
- ग्रेड A: ₹12 लाख से ₹20 लाख प्रति वर्ष
- ग्रेड B: ₹8 लाख से ₹12 लाख प्रति वर्ष
- ग्रेड C: ₹8 लाख प्रति वर्ष
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