- केंद्र सरकार ने मई 2026 में चेनाब–ब्यास लिंक टनल परियोजना को स्वीकृति प्रदान की।
- भारत की प्रमुख नदी-लिंकिंग योजनाओं में शामिल इस परियोजना का उद्देश्य चेनाब बेसिन में उपलब्ध अतिरिक्त जल को ब्यास नदी प्रणाली तक पहुंचाना है। हिमाचल प्रदेश में प्रस्तावित इस परियोजना की अनुमानित लागत 2,352 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।
- जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और जलविद्युत उत्पादन की संभावनाओं को बढ़ाने के लिहाज से इसे एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
- परियोजना के अंतर्गत लगभग 8.7 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया जाएगा, जिसके माध्यम से चेनाब बेसिन के अतिरिक्त जल को ब्यास नदी तंत्र में स्थानांतरित किया जाएगा।
- इससे उपलब्ध जल संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।
- परियोजना के प्रथम चरण में हिमाचल प्रदेश के लाहौल क्षेत्र स्थित कोकसर गांव के समीप चंद्रा नदी पर 19 मीटर ऊंचे बैराज के निर्माण का प्रस्ताव है।
- चंद्रा नदी, ऊपरी चेनाब बेसिन की एक प्रमुख सहायक नदी है, जो पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में प्रवाहित होती है।
- बैराज के माध्यम से जल का नियमन किया जाएगा तथा उसे सुरंग के जरिए ब्यास नदी प्रणाली तक पहुंचाया जाएगा। हिमालयी क्षेत्र में जल संसाधन प्रबंधन की दृष्टि से यह परियोजना विशेष महत्व रखती है।
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