भारत-रूस की संयुक्त उपलब्धि ब्रह्मोस

  • ब्रह्मोस एक सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल है जिसे भारत के डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइज़ेशन (DRDO) और रूस की NPO मशीनोस्ट्रोयेनिया (NPO Mashinostroyenia) ने मिलकर बनाया है। 
  • जून 2026 में, रूसी अधिकारियों और ब्रह्मोस एयरोस्पेस के अधिकारियों ने रूसी सेना में इस मिसाइल को शामिल करने और भविष्य की ज़रूरतों के लिए इसके प्रोडक्शन की क्षमता बढ़ाने पर चर्चा की।
  • ब्रह्मोस एक दो-चरण वाली सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल है, जिसे ज़मीन, समुद्र और हवा से लॉन्च किया जा सकता है। 
  • इसका नाम ब्रह्मपुत्र और मोस्कवा नदियों के नाम पर रखा गया है, जो इस संयुक्त उपक्रम में भारत और रूस का प्रतिनिधित्व करती हैं।
  •  यह मिसाइल सटीक हमले (precision strike) के लिए डिज़ाइन की गई है और इसे भारत के कई प्लेटफॉर्म्स के साथ जोड़ा गया है।
  •  इसकी गति और कम ऊंचाई पर उड़ान भरने की क्षमता इसे एंटी-शिप और ज़मीन पर हमले के मिशन में इस्तेमाल होने वाली तेज़ गति वाली क्रूज़ मिसाइलों की श्रेणी में रखती है।
  • भारत और रूस ने संयुक्त विकास परियोजनाओं, लाइसेंस प्राप्त प्रोडक्शन और टेक्नोलॉजी सहयोग के ज़रिए रक्षा-औद्योगिक सहयोग बनाए रखा है। 
  • ब्रह्मोस एयरोस्पेस एक संयुक्त उपक्रम है जो मिसाइल के संयुक्त विकास के लिए एक मॉडल के तौर पर काम कर रहा है। 
  • जून 2026 में, ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने कहा कि अगर मॉस्को आधिकारिक अनुरोध करता है, तो वह रूसी नौसेना और ज़मीनी सेना को मिसाइलें सप्लाई कर सकता है।

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