- मेघालय की प्रसिद्ध लाकाडोंग हल्दी अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता और औषधीय गुणों के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रही है।
- Lakadong Turmeric को वर्ष 2024 में भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग प्राप्त हुआ, जिससे इसकी विशिष्टता को कानूनी संरक्षण मिला और वैश्विक बाजार में इसकी पहचान और मजबूत हुई।
- हाल ही में यह विशेष हल्दी तब सुर्खियों में आई जब इसे जून 2026 में Évian-les-Bains, France में आयोजित 52nd G7 Summit के दौरान विश्व नेताओं के समक्ष प्रदर्शित किए गए भारतीय उत्पादों में शामिल किया गया।
- लाकाडोंग हल्दी का उत्पादन Lakadong क्षेत्र में किया जाता है, जो Meghalaya के Jaintia Hills में स्थित है। यह क्षेत्र पारंपरिक एवं जैविक खेती के लिए जाना जाता है।
- यहां की उपजाऊ मिट्टी और अनुकूल जलवायु इस हल्दी को विशिष्ट गुण प्रदान करती हैं, जिसके कारण इसमें सामान्य हल्दी की तुलना में करक्यूमिन की मात्रा अधिक पाई जाती है।
- भारत में जीआई टैग की व्यवस्था Geographical Indications of Goods (Registration and Protection) Act, 1999 के अंतर्गत की गई है।
- यह मान्यता उन उत्पादों को दी जाती है जिनकी गुणवत्ता, प्रतिष्ठा या अन्य विशेषताएं किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र से जुड़ी होती हैं।
- जीआई टैग न केवल उत्पाद की मौलिकता की रक्षा करता है, बल्कि स्थानीय किसानों और उत्पादकों को बेहतर बाजार, अधिक आय तथा वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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