- केंद्र सरकार ने 12 जुलाई 2026 से नई दिल्ली के सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास क्षेत्र को आधिकारिक रूप से ‘कर्तव्य भवन परिसर’ (Kartavya Bhawan Complex) अथवा ‘कर्तव्य भवन क्षेत्र’ (Kartavya Bhawan Area) नाम देने का निर्णय लिया है।
- इस नई पहचान के अंतर्गत कर्तव्य मार्ग, क्षेत्र में स्थित सरकारी कार्यालय तथा भविष्य में विकसित होने वाले प्रशासनिक भवन शामिल होंगे।
- यह बदलाव केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि आधुनिक, एकीकृत और अधिक कार्यकुशल प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
- सेंट्रल विस्टा देश की राजधानी नई दिल्ली का प्रमुख प्रशासनिक एवं औपचारिक क्षेत्र है, जो राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक विस्तृत है। इसी क्षेत्र में केंद्र सरकार के अनेक मंत्रालयों और राष्ट्रीय महत्व के प्रमुख भवन स्थित हैं।
- कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट परियोजना के तहत कुल 10 नए प्रशासनिक भवन बनाए जाने की योजना है। इनमें से तीन भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है और इन्हें ‘कर्तव्य भवन’ नाम दिया गया है।
- पहला कर्तव्य भवन अगस्त 2025 में राष्ट्र को समर्पित किया गया था तथा इसके सितंबर 2026 तक पूर्ण रूप से कार्यशील होने की संभावना है।
- इन भवनों का उद्देश्य विभिन्न मंत्रालयों को एकीकृत परिसर में लाकर प्रशासनिक समन्वय, दक्षता और सुशासन को और सुदृढ़ बनाना है।
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