- बेंगलुरु स्थित एयरोस्पेस स्टार्टअप Astrobase Space Technologies ने ‘EVEREST’ नाम का रॉकेट इंजन पेश किया है।
- कंपनी के मुताबिक, यह भारत का पहला निजी तौर पर विकसित 80-टन श्रेणी का फुल-फ्लो स्टेज्ड कंबशन (FFSC) इंजन है।
- तरल ऑक्सीजन और तरल मीथेन से संचालित यह इंजन 800 किलोन्यूटन तक का थ्रस्ट उत्पन्न करने में सक्षम है और इसे पुन: उपयोग योग्य मध्यम क्षमता वाले लॉन्च व्हीकल्स के लिए विकसित किया गया है।
- EVEREST का विकास भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में उन्नत प्रणोदन तकनीक की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
- FFSC तकनीक को उच्च प्रदर्शन और बेहतर ईंधन दक्षता वाली इंजन प्रणालियों में शामिल किया जाता है। इस तकनीक में ईंधन और ऑक्सीडाइजर दोनों मुख्य दहन कक्ष में पहुंचने से पहले अलग-अलग प्रीबर्नर चरण से गुजरते हैं।
- इसकी जटिल संरचना के बावजूद यह व्यवस्था इंजन की दक्षता, प्रदर्शन और थ्रस्ट नियंत्रण को बेहतर बनाने में मदद करती है।
- कंपनी के अनुसार, EVEREST का विशिष्ट आवेग करीब 340 सेकंड है और यह 50 से 110 प्रतिशत तक थ्रॉटलिंग कर सकता है।
- थ्रस्ट को इस व्यापक दायरे में नियंत्रित करने की क्षमता पुन: उपयोग योग्य रॉकेटों के लिए खास तौर पर उपयोगी है।
- उड़ान के अलग-अलग चरणों के साथ-साथ लैंडिंग और रिकवरी के दौरान इंजन के थ्रस्ट को तेजी से समायोजित करना पड़ता है, और EVEREST की यह क्षमता ऐसे मिशनों की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद कर सकती है।
- इस इंजन के विकास से भारत के निजी अंतरिक्ष उद्योग में बड़े और अधिक सक्षम लॉन्च सिस्टम तैयार करने की संभावनाओं को बल मिलने की उम्मीद है।
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