- तमिलनाडु सरकार ने 28 अगस्त 2026 को होसुर वन प्रभाग के कावेरी नॉर्थ वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में तीन नए हाथी गलियारों को अधिसूचित किया।
- ये गलियारे तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच हाथियों और अन्य बड़े वन्यजीवों की पारंपरिक आवाजाही को बनाए रखने वाले ट्रांस-कावेरी लैंडस्केप का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
- हाथी गलियारे जंगल के दो बड़े हिस्सों को जोड़ने वाली ऐसी वन पट्टियां होती हैं, जिनका इस्तेमाल हाथी मौसम के अनुसार एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में आने-जाने के लिए करते हैं।
- इन प्राकृतिक रास्तों के सुरक्षित रहने से हाथियों को भोजन और पानी की तलाश, प्रजनन तथा अपने पारंपरिक आवासों के बीच आवाजाही में मदद मिलती है।
- वन क्षेत्रों के बीच संपर्क टूटने पर हाथियों की आवाजाही सीमित हो सकती है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं भी बढ़ने की आशंका रहती है।
- ऐसे में नए गलियारों को अधिसूचित करना न केवल हाथियों के संरक्षण के लिए, बल्कि वन्यजीव आवासों की कनेक्टिविटी और जैव विविधता को बनाए रखने की दिशा में भी अहम कदम माना जा रहा है।
- इन गलियारों के संरक्षण से तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच हाथियों के सुरक्षित आवागमन को बढ़ावा मिलेगा और विभिन्न हाथी समूहों के बीच प्राकृतिक एवं आनुवंशिक संपर्क बनाए रखने में मदद मिलेगी।
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