- 1 जनवरी, 2022 को रक्षा अनुसंधान विकास संगठन ने ब्रह्मोस के उन्नत संस्करण का परीक्षण किया। यह ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का समुद्र-से-समुद्र संस्करण है।
- इसका परीक्षण आईएनएस विशाखापत्तनम से किया गया।
- यह भारत के आत्मनिर्भर बनने का एक कदम है। साथ ही, इस परीक्षण ने भारतीय नौसेना की तैयारी की पुष्टि की। ब्रह्मोस को भारत और रूस के संयुक्त सहयोग से विकसित किया गया था।
- इसे हवा, समुद्र और जमीन से लॉन्च किया जा सकता है।
- ब्रह्मोस की लक्ष्य सीमा 290 किलोमीटर है। MTCR (Missile Technology Control Regime) की वजह से रेंज को 290 किमी पर सीमित कर दिया गया था।
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