- रक्षा मंत्रालय ने ‘जीसैट-7B’ (GSAT-7B) उपग्रह हेतु स्वीकृति प्रदान की है।
- यह उपग्रह भारतीय सेना के लिये एक समर्पित उपग्रह होगा।
- यह उपग्रह भारतीय सेना को सीमावर्ती क्षेत्रों में अपनी निगरानी बढ़ाने में मदद करेगा।
- वर्तमान में भारत के पास केवल दो समर्पित सैन्य उपग्रह हैं- जीसैट-7 (रुक्मिणी) और जीसैट-7ए (एंग्री बर्ड), जो कि क्रमशः भारतीय नौसेना एवं वायु सेना द्वारा उपयोग किये जाते हैं।
- अभी तक भारतीय सेना ‘जीसैट-7ए’ और अन्य उपग्रहों पर निर्भर रही है, लेकिन इस नई अत्याधुनिक तकनीक से सेना की क्षमता में महत्त्वपूर्ण वृद्धि होगी।
- यह सैन्य उपग्रह ‘फेल-सेफ’ (Fail-Safe) स्थिति में सुरक्षित संचार सहायता प्रदान करने में मददगार होगा।
- ‘जीसैट-7बी’ मुख्य रूप से सेना की संचार ज़रूरतों को पूरा करेगा।
Tags:
वैज्ञानिक परिदृश्य
