- अंतर्राष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान (IFPRI) ने वैश्विक खाद्य नीति रिपोर्ट: जलवायु परिवर्तन और खाद्य प्रणाली जारी की है, जिसमें दर्शाया गया है कि जलवायु परिवर्तन के कारण वर्ष 2030 तक भारत में भूख का जोखिम 23% तक बढ़ सकता है।
- जलवायु परिवर्तन के कारण वर्ष 2030 तक भारत का खाद्य उत्पादन 16% गिर सकता है तथा भूख के जोखिम वाले लोगों की संख्या 23% तक बढ़ सकती है।
- वर्ष 2030 में भूख से पीड़ित भारतीयों की संख्या 73.9 मिलियन हो जाने की आशंका है तथा यदि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को शामिल किया जाए, तो यह बढ़कर 90.6 मिलियन हो जाएगी।
- समान परिस्थितियों में समग्र खाद्य उत्पादन सूचकांक 1.6 से घटकर 1.5 रह जाएगा।
- जलवायु परिवर्तन भारतीयों की औसत कैलोरी खपत को प्रभावित नहीं करेगा तथा जलवायु परिवर्तन के परिदृश्य में भी यह वर्ष 2030 तक वर्तमान के समान लगभग प्रति व्यक्ति 2,600 किलो कैलोरी प्रतिदिन रहने का अनुमान है।
- वर्ष 2100 तक पूरे भारत में औसत तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस से 4.4 डिग्री सेल्सियस के बीच बढ़ने का अनुमान है। इसी प्रकार भारत में गर्मी की लहरों के वर्ष 2100 तक तिगुना होने का अनुमान है।
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