जनवरी-मार्च 2022 की तिमाही के लिए सार्वजनिक ऋण प्रबंधन रिपोर्ट


  • वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग के बजट प्रभाग का सार्वजनिक ऋण प्रबंधन प्रकोष्ठ (पीडीएमसी) अप्रैल-जून (पहली तिमाही) 2010-11 से नियमित आधार पर ऋण प्रबंधन के संबंध में एक त्रैमासिक रिपोर्ट निकाल रहा है। 
  • वर्तमान रिपोर्ट जनवरी-मार्च तिमाही (वित्तीय वर्ष 2022 की चौथी तिमाही) से संबंधित है।
  • वित्तीय वर्ष 2022 की चौथी तिमाही के दौरानकेन्द्र सरकार ने दिनांकित प्रतिभूतियों के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2021 की चौथी तिमाही में जुटाई गई 
  • वर्ष 2021 की चौथी तिमाही में जुटाई गई 3,20,349 करोड़ रुपये की तुलना में 1,37,025 करोड़ रुपये की राशि जुटाईजबकि अदायगी 49721.87 करोड़ रुपये की थी।
  • प्राथमिक निर्गमों का भारित औसत प्रतिफल वित्तीय वर्ष 2022 की चौथी तिमाही में 6.66 प्रतिशत हो गयाजोकि वित्तीय वर्ष 2022 की तीसरी तिमाही में 6.33 प्रतिशत था।
  • वित्तीय वर्ष 2022 की चौथी तिमाही में दिनांकित प्रतिभूतियों के नए निर्गमों की भारित औसत परिपक्वता अपेक्षाकृत ऊंची रहते हुए 17.56 वर्ष की थीजबकि वित्तीय वर्ष 2022 की तीसरी तिमाही में यह औसत परिपक्वता 16.88 वर्ष की थी। 
  • जनवरी-मार्च 2022 के दौरान केन्द्र सरकार ने कैश मैनेजमेंट बिल के जरिए कोई राशि नहीं जुटाई। 
  • रिज़र्व बैंक ने इस तिमाही के दौरान सरकारी प्रतिभूतियों के लिए खुले बाजार का संचालन नहीं किया। 
  • सीमांत स्थायी सुविधा और विशेष तरलता सुविधा सहित तरलता समायोजन सुविधा (एलएएफ) के तहत आरबीआई द्वारा शुद्ध दैनिक औसत तरलता अवशोषण इस तिमाही के दौरान 6,44,100.99 करोड़ रुपये का था।

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