- भारत और नामीबिया गणराज्य ने आज वन्यजीव संरक्षण एवं सतत जैव-विविधता उपयोग संबंधी एक समझौता-ज्ञापन किया है, ताकि भारत में चीते को ऐतिहासिक श्रेणी में लाया जा सके।
समझौता-ज्ञापन की मुख्य विशेषतायें इस प्रकार हैं:-
- जैव-विविधता संरक्षण, जिसमें चीते के संरक्षण पर जोर दिया गया है। साथ ही चीते को उनके पुराने इलाके में दोबारा स्थापित करना है, जहां से वे विलुप्त हो गये हैं।
- दोनों देशों में चीते के संरक्षण को प्रोत्साहन देने के लक्ष्य के तहत विशेषज्ञता और क्षमताओं को साझा करना तथा उनका आदान-प्रदान करना।
- अच्छे तौर-तरीकों को साझा करके वन्यजीव संरक्षण और सतत जैव विविधता उपयोग।
- प्रौद्योगिकियों को अपनाने, वन्यजीव इलाकों में रहने वाले स्थानीय समुदायों के लिये आजीविका सृजन तथा जैव-विविधता के सतत प्रबंधन के मद्देनजर कारगर उपायों को साझा करने के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण और सतत जैव-विविधता उपयोग को प्रोत्साहन।
- जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण सम्बन्धी शासन-विधि, पर्यावरण सम्बन्धी दुष्प्रभाव का मूल्यांकन, प्रदूषण और अपशिष्ट प्रबंधन व आपसी हितों के अन्य क्षेत्रों में सहयोग।
- जहां भी प्रासंगिक हो, वहां तकनीकी विशेषज्ञता सहित वन्यजीव प्रबंधन में कर्मियों के लिये प्रशिक्षण और शिक्षा के लिये आदान-प्रदान।
Tags:
संधि/समझौता
