प्रतिस्पर्द्धा (संशोधन) विधेयक, 2022


  • हाल ही में प्रतिस्पर्द्धा अधिनियम, 2002 में संशोधन करने वाला विधेयक लोकसभा में पेश किया गया।
  • तकनीकी प्रगति, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और कीमत एवं अन्य कारकों के बढ़ते महत्त्व के कारण बाज़ार की गतिशीलता तेज़ी से बदली है, बाज़ार की प्रतिस्पर्द्धा को बनाए रखने और बढ़ावा देने के लिये ये संशोधन अपरिहार्य हो गए थे।
  • अधिनियम की धारा 5 के अनुसार विलय, अधिग्रहण या समामेलन में शामिल पक्षों को केवल परिसंपत्ति या कारोबार के आधार पर संयोजन की गतिविधि के विषय में भारतीय प्रतिस्पर्द्धा आयोग सूचित करने की आवश्यकता है।
  • नए विधेयक में सौदे के मूल्य की अवसीमा का प्रावधान भी प्रस्तावित है।
  • इसके अलावा 2,000 करोड़ रुपए से अधिक के सौदे मूल्य वाले किसी भी लेन-देन के विषय में आयोग को सूचित करना अनिवार्य होगा यदि दोनों पक्षों में से किसी का भारत में पर्याप्त व्यावसायिक संचालन है।

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