- विद्युत मंत्रालय ने लोकसभा में ऊर्जा संरक्षण (संशोधन) विधेयक 2022 पेश किया है।
- विधेयक में कार्बन बचत प्रमाणपत्र जारी करके स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करने जैसे परिवर्तनों को पेश करने के लिये विद्युत संरक्षण अधिनियम 2001 में संशोधन करने का प्रस्ताव है, जिसे अंतिम बार वर्ष 2010 में संशोधित किया गया था।
- ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 के तहत ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) की स्थापना की गई।
- वर्ष 2010 के संशोधन ने ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के महानिदेशक के कार्यकाल को तीन से बढ़ाकर पाँच साल कर दिया।
- यह ब्यूरो विभिन्न उद्योगों की बिजली खपत की निगरानी और समीक्षा करने वाले ऊर्जा लेखा परीक्षकों के लिये आवश्यक योग्यताएँ निर्दिष्ट कर सकता है।
- अतिरिक्त ऊर्जा का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को उनकी अधिक खपत के अनुसार दंडित किया जाएगा।
- केंद्र या राज्य सरकार द्वारा पारित ऐसे किसी भी आदेश के खिलाफ किसी भी अपील की सुनवाई ऊर्जा अधिनियम, 2003 के तहत पहले से स्थापित अपीलीय न्यायाधिकरण द्वारा की जाएगी।
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