- भारतीय रिज़र्व बैंक ने 31 मार्च, 2022 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिये समग्र वित्तीय समावेशन सूचकांक (FI-सूचकांक) जारी किया है।
- भारत का वित्तीय समावेशन सूचकांक का स्कोर पिछले वर्ष 2021 में 9 से बढ़कर 56.4 हो गया है।
- इसके सभी उप-सूचकांकों (वित्तीय सेवाओं तक पहुँच, उपयोग और गुणवत्ता ) में सुधार देखा गया है।
- वित्तीय समावेशन सूचकांक की अवधारणा एक व्यापक सूचकांक के रूप में की गई है जिसमें सरकार और क्षेत्रीय नियामकों के परामर्श से बैंकिंग, बीमा, निवेश, डाक तथा पेंशन क्षेत्र का विवरण शामिल है।
- इसे RBI द्वारा वर्ष 2021 में बिना किसी 'आधार वर्ष' के विकसित किया गया था और प्रत्येक वर्ष जुलाई में प्रकाशित किया जाता है।
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