- यह वैश्विक दासता सूचकांक (जीएसआई) का पांचवां संस्करण है। इससे पहले संस्करण 2013, 2014, 2016 और 2018 में जारी किए गए थे।
- सूचकांक के लिए डेटा आधुनिक गुलामी के वैश्विक अनुमानों द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों पर आधारित है।
- रिपोर्ट के मुताबिक, 49.6 करोड़ लोग आधुनिक गुलामी में जी रहे हैं। भारत में 11 मिलियन लोग आधुनिक गुलामी में जी रहे हैं।
- 2016 के बाद से आधुनिक गुलामी में रहने वाले लोगों की संख्या में 10 मिलियन की वृद्धि हुई है।
- कुल लगभग 50 मिलियन में से, 28 मिलियन जबरन श्रम और 22 मिलियन जबरन विवाह से हैं।
- सूचकांक के अनुसार, "आधुनिक गुलामी" का अर्थ शोषण की स्थिति है जिसमें कोई व्यक्ति धमकी, हिंसा, जबरदस्ती, शक्ति के दुरुपयोग के कारण मना नहीं कर सकता है।
- स्विट्ज़रलैंड, नॉर्वे, जर्मनी, नीदरलैंड, स्वीडन, डेनमार्क, बेल्जियम, आयरलैंड, जापान और फ़िनलैंड में आधुनिक गुलामी कम प्रचलित है।
- उत्तर कोरिया, इरीट्रिया, मॉरिटानिया, सऊदी अरब, तुर्की, ताजिकिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात, रूस, अफगानिस्तान और कुवैत आधुनिक दासता से सबसे अधिक प्रभावित हैं।
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