- मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के नेतृत्व में कैबिनेट ने ‘कुई’ भाषा को भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल करने की सिफारिश की।
- ‘कुई’ भाषा को शामिल किये जाने से इसके संरक्षण, संवर्धन एवं प्रसार में मदद मिलेगी।
- कुई भाषा में कंटेंट के प्रकाशन को गति मिलेगी और इसके संरक्षण और प्रसार के लिए पारिस्थितिकी तंत्र तैयार होगा।
- कुई भाषा को शामिल करने का लाभ सात लाख से अधिक कुई भाषी लोगों को मिलेगा। कुई के शामिल होने से ओडिशा की कंध जनजाति को कई लाभ मिलेंगे।
- संविधान की आठवीं अनुसूची में 22 भाषाएँ शामिल हैं।
- 2003 के 92वें संशोधन अधिनियम द्वारा बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली को 8वीं अनुसूची में जोड़ा गया।
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