प्राचीन महाराष्ट्र की शैल कला को 'संरक्षित स्मारक' घोषित

  • 11 अगस्त को, महाराष्ट्र सरकार ने महाराष्ट्र प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1960 के तहत रत्नागिरी में जियोग्लिफ़ और पेट्रोग्लिफ़ को 'संरक्षित स्मारक' घोषित किया।
  • संस्कृति विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, रत्नागिरी के देउद में पेट्रोग्लिफ़्स का समूह मेसोलिथिक युग (लगभग 20,000-10,000 साल पहले) का है।
  • जियोग्लिफ़ और पेट्रोग्लिफ़ प्राचीन कला के विभिन्न प्रकार हैं।
  • इनमें धरती की सतह या चट्टान की सतह पर चित्र या डिजाइन बनाना शामिल है।

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