- भारत ने पहला स्वदेशी एंटीबायोटिक ‘नेफिथ्रोमाइसिन’ विकसित किया है।
- ‘नेफिथ्रोमाइसिन’ को विशिष्ट और असामान्य दोनों प्रकार के दवा-प्रतिरोधी बैक्टीरिया के इलाज के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- इसे ‘वॉकहार्ट’ ने बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल (BIRAC) के सहयोग से विकसित किया है।
- यह 30 से अधिक वर्षों में वैश्विक स्तर पर पेश की जाने वाली अपनी श्रेणी की पहली दवा है।
- इसका मुख्य उद्देश्य समुदाय-अधिग्रहित जीवाणु निमोनिया (CABP) से निपटना है, जो एक घातक संक्रमण है।
- यह दवा वर्तमान में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) से अंतिम विनिर्माण अनुमोदन की प्रतीक्षा कर रही है।
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