- केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में प्रशासनिक ढांचे को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से पांच नए जिलों के गठन को मंजूरी दी गई है।
- यह कदम लंबे समय से स्थानीय निवासियों की मांग रहा था और अब इसे एक महत्वपूर्ण व ऐतिहासिक निर्णय के रूप में देखा जा रहा है। इससे शासन प्रणाली में विकेंद्रीकरण को बढ़ावा मिलेगा और दूरस्थ क्षेत्रों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच अधिक प्रभावी ढंग से सुनिश्चित हो सकेगी।
- नए बनाए गए जिलों में नुब्रा, शाम, चांगथांग, जांस्कर और द्रास शामिल हैं।
- इनके गठन के बाद अब लद्दाख में कुल जिलों की संख्या बढ़कर सात हो गई है, जबकि पहले यहां केवल लेह और कारगिल ही दो जिले थे।
- इस पहल से प्रशासन को आम लोगों के और करीब लाने में मदद मिलेगी।
- स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी, जिससे विकास कार्यों में तेजी आने की संभावना है और लोगों को बेहतर सार्वजनिक सेवाएं मिल सकेंगी।
- क्षेत्रफल की दृष्टि से लद्दाख देश का सबसे बड़ा केंद्र शासित प्रदेश है, जिसका विस्तार लगभग 86,904 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।
- इसके बावजूद यहां की आबादी अपेक्षाकृत कम है—2011 की जनगणना के अनुसार करीब 2.74 लाख।
- कठिन भौगोलिक परिस्थितियां, ऊंचे पर्वतीय इलाके और दूर-दराज की बस्तियां प्रशासन के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण रही हैं।
- ऐसे में नए जिलों का गठन शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुगम और जनोन्मुख बनाने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकता है।
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