दुनिया में सबसे अधिक रेमिटेंस पाने वाला देश बना भारत

  • 2024 में भारत एक बार फिर दुनिया के सबसे बड़े प्रवासन नेटवर्क में शामिल रहा। 
  • विदेशों में काम कर रहे भारतीयों ने लगभग 134 अरब डॉलर की रेमिटेंस (विदेश से भेजी गई धनराशि) देश में भेजी।
  •  यह न केवल भारत की मजबूत वैश्विक श्रम शक्ति को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि प्रवासी भारतीय देश की अर्थव्यवस्था में कितना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
  • रेमिटेंस का असर केवल परिवारों तक सीमित नहीं रहता। 
  • इससे देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है, विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ता है और कई क्षेत्रों में विकास को गति मिलती है।
  • प्रवासन कॉरिडोर उन रास्तों या कनेक्शनों को कहा जाता है, जिनके जरिए लोग रोजगार या अन्य कारणों से एक देश से दूसरे देश जाते हैं। 
  • भारत के प्रमुख प्रवासन कॉरिडोर मुख्य रूप से खाड़ी देशों, उत्तरी अमेरिका, यूरोप और एशिया के अन्य हिस्सों से जुड़े हैं। इन मार्गों के माध्यम से बड़ी संख्या में भारतीय विदेशों में नौकरी करते हैं और वहां से अपने परिवारों के लिए पैसा भेजते हैं।
  • सरल शब्दों में, भारत के प्रवासी न सिर्फ अपने परिवारों का सहारा बनते हैं, बल्कि देश की आर्थिक मजबूती में भी अहम भूमिका निभाते हैं।

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