आईएएसवी त्रिवेणी का महासागरीय मिशन

  • भारतीय सशस्त्र बलों की महिला शक्ति का प्रतीक बन चुका सेलिंग वेसल IASV त्रिवेणी इन दिनों अपने ऐतिहासिक वैश्विक समुद्री अभियान के कारण चर्चा में है।
  •  भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की 10 महिला अधिकारियों का यह विशेष दल विश्व परिक्रमा यात्रा पर निकला हुआ है और वर्तमान में केप टाउन से मुंबई की ओर आगे बढ़ रहा है।
  • “समुद्र प्रदक्षिणा” नाम से संचालित यह मिशन 11 सितंबर 2025 को मुंबई से आरंभ हुआ था।
  •  इस महत्वाकांक्षी अभियान के जून 2026 तक पूर्ण होने की संभावना है।
  •  इसे भारत का पहला सर्व-महिला त्रि-सेवा वैश्विक समुद्री अभियान माना जा रहा है, जो महिला नेतृत्व, साहस और आत्मनिर्भरता का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करता है।
  • करीब 50 फुट लंबा नौकायन पोत IASV त्रिवेणी पुडुचेरी में निर्मित किया गया है। 
  • अत्याधुनिक तकनीक से लैस इस यॉट को पूरी तरह भारतीय महिला सैन्य अधिकारियों द्वारा संचालित किया जा रहा है। 
  • अभियान की कमान लेफ्टिनेंट कर्नल अनुजा वरुडकर के हाथों में है, जबकि स्क्वाड्रन लीडर श्रद्धा पी. राजू उप-अभियान प्रमुख के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रही हैं।
  • यह मिशन केवल एक समुद्री यात्रा नहीं, बल्कि भारतीय महिलाओं की क्षमता, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का वैश्विक प्रदर्शन भी है। 
  • सेना, नौसेना और वायुसेना की महिला अधिकारियों का यह संयुक्त दल कठिन समुद्री परिस्थितियों का सामना करते हुए भारत का गौरव विश्व स्तर पर बढ़ा रहा है।

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