- दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड, दिल्ली में इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए एक ऑटोमेटेड पीपल मूवर सिस्टम (Automated People Mover system) डेवलप कर रहा है, जिसे 'एयर ट्रेन' भी कहा जाता है।
- यह प्रस्तावित सिस्टम भारत की पहली ड्राइवरलेस एयरपोर्ट एयर ट्रेन है और इसे 7.7 किलोमीटर लंबे रूट पर अलग-अलग टर्मिनलों के बीच कनेक्टिविटी के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- ऑटोमेटेड पीपल मूवर एक ड्राइवरलेस, रेल-आधारित ट्रांसपोर्ट सिस्टम है, जिसका इस्तेमाल एयरपोर्ट, मेट्रो हब और बड़े कैंपस के अंदर कम दूरी तक यात्रियों को लाने-ले जाने के लिए किया जाता है।
- दिल्ली एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को एक एलिवेटेड (ऊंचाई पर) और सरफेस-लेवल (ज़मीन पर) सिस्टम के तौर पर प्लान किया गया है, जिसमें 5.7 किलोमीटर का हिस्सा एलिवेटेड और 2 किलोमीटर का हिस्सा सरफेस-लेवल पर होगा।
- इस एयर ट्रेन को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 1, टर्मिनल 2, टर्मिनल 3, एयरोसिटी और कार्गो सिटी को आपस में जोड़ने के लिए प्लान किया गया है। इस सिस्टम का मकसद पूरे एयरपोर्ट कॉम्प्लेक्स में ट्रांज़िट यात्रियों और एयरपोर्ट का इस्तेमाल करने वाले लोगों को सुविधा देना है।
- इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग ₹2,000 करोड़ से ₹4,000 करोड़ के बीच रखी गई है।
- उम्मीद है कि यह प्रोजेक्ट 2027 के आखिर तक या 2028 में चालू हो जाएगा, जबकि कुछ अनुमानों के मुताबिक इसके पूरा होने में 2029 तक का समय लग सकता है।
Tags:
योजना/परियोजना
.jpg)