- Ministry of Petroleum and Natural Gas ने 8 मई 2026 को कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के उत्पादन पर नई रॉयल्टी दरों की अधिसूचना जारी की।
- यह नई व्यवस्था देश के ऑनशोर, ऑफशोर, डीपवॉटर और अल्ट्रा-डीपवॉटर क्षेत्रों में लागू होगी।
- इस कदम का उद्देश्य घरेलू स्तर पर तेल एवं गैस उत्पादन को बढ़ावा देना और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करना है।
- रॉयल्टी वह वैधानिक शुल्क होता है जो प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के बदले सरकार को दिया जाता है।
- तेल और गैस उद्योग में यह भुगतान सामान्यतः उत्पादन की मात्रा या वेल-हेड मूल्य के आधार पर तय किया जाता है।
- वेल-हेड मूल्य से आशय उस कीमत से है जो उत्पादन स्थल पर प्राप्त होती है, जिसमें परिवहन और विपणन लागत शामिल नहीं होती।
- इस प्रणाली के माध्यम से सरकार प्राकृतिक संसाधनों से राजस्व अर्जित करती है और ऊर्जा क्षेत्र में पारदर्शिता बनाए रखती है।
Tags:
राष्ट्रीय परिदृश्य
