- आंध्र प्रदेश सरकार ने किसानों और उपभोक्ताओं के बीच सीधे संपर्क को बढ़ावा देने के लिए “फार्म टू होम” मॉडल लागू करने का निर्णय लिया है।
- इस पहल के तहत किसानों द्वारा उत्पादित फल और सब्जियां बिना बिचौलियों के सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाई जाएंगी।
- सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना और लोगों को ताजे कृषि उत्पाद उचित कीमत पर उपलब्ध कराना है।
- “फार्म टू होम” मॉडल कृषि विपणन की ऐसी व्यवस्था है, जिसमें किसानों से उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचते हैं।
- इस प्रणाली में फार्मर्स प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन्स (FPOs) अहम भूमिका निभाएंगे। ये संगठन किसानों की सामूहिक संस्थाओं के रूप में कार्य करते हुए उपज के संग्रहण, परिवहन, विपणन और घर-घर आपूर्ति की जिम्मेदारी संभालेंगे।
- FPOs के माध्यम से किसानों की बाजार तक पहुंच मजबूत होगी और उनकी सौदेबाजी क्षमता में भी वृद्धि होगी।
- इससे विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को अपनी उपज से अधिक लाभ मिलने की संभावना बढ़ेगी।
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