- भारत की रक्षा तकनीक में आत्मनिर्भरता को नई मजबूती देते हुए भारतीय सेना ने 1 जून 2026 को राजस्थान के जोधपुर में स्वदेशी सामरिक लोटरिंग म्यूनिशन ‘दिव्यास्त्र एमके-1’ का सफल परिचालन प्रदर्शन किया।
- लखनऊ स्थित रक्षा प्रौद्योगिकी स्टार्टअप होवरिट द्वारा विकसित यह उन्नत प्रणाली स्वदेशी रक्षा नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है।
- इसकी निर्माण प्रक्रिया में लगभग 95 प्रतिशत स्वदेशी घटकों का उपयोग किया गया है, जो ‘मेक इन इंडिया’ पहल को मजबूत आधार प्रदान करता है।
- ‘दिव्यास्त्र एमके-1’ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से लैस एक आधुनिक सामरिक मानवरहित हवाई प्रणाली है, जिसे खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी, टोही तथा सटीक लक्ष्य भेदन जैसे मिशनों के लिए डिजाइन किया गया है।
- आधुनिक युद्धक्षेत्र की चुनौतियों को ध्यान में रखकर विकसित की गई यह प्रणाली लंबी दूरी तक संचालन करने में सक्षम है।
- इसकी प्रमुख विशेषताओं में 500 किलोमीटर तक की परिचालन रेंज, पांच घंटे तक लगातार उड़ान भरने की क्षमता और 300 से 400 किलोमीटर प्रति घंटे की गति शामिल है।
- साथ ही यह 15 किलोग्राम तक का पेलोड ले जा सकती है, जिससे इसकी मारक क्षमता और मिशन प्रभावशीलता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
- यह उपलब्धि भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को सशक्त बनाने और भविष्य की युद्ध आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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