- भारतीय सेना ने जून 2026 में “आर्मी यूनिफॉर्म्स-2026” नामक 174 पृष्ठों की नई पुस्तिका जारी कर वर्दी संबंधी संशोधित नियम लागू किए हैं।
- पिछले आठ वर्षों में यह ड्रेस रेगुलेशन का पहला बड़ा संशोधन है, जिसका उद्देश्य सेना की वर्दी व्यवस्था को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना और उसमें भारतीयता की झलक को अधिक प्रमुखता देना है।
- नई संहिता में औपचारिक एवं समारोहिक वर्दियों, शीतकालीन कार्य पोशाक, व्यक्तिगत साज-सज्जा के मानकों तथा महिला अधिकारियों के परिधान संबंधी दिशानिर्देशों को विस्तार से शामिल किया गया है।
- सेना में विभिन्न अवसरों—जैसे परेड, आधिकारिक समारोह, मेस कार्यक्रम, दैनिक कार्य और विशेष आयोजनों—के लिए अलग-अलग वर्दियों की व्यवस्था सेवा नियमों के तहत निर्धारित की जाती है।
- संशोधित नियमों के तहत अधिकारियों की औपचारिक नागरिक पोशाक में स्वदेशी बंडी जैकेट को शामिल किया गया है।
- इसे पूरी बाजू की शर्ट, औपचारिक पतलून और बंद जूतों के साथ पहनने का प्रावधान किया गया है।
- इस कदम को भारतीय सांस्कृतिक विरासत और स्वदेशी परंपराओं को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
- इसके अलावा, नई नियमावली में कुछ पारंपरिक प्रावधानों में भी बदलाव किए गए हैं।
- अब परेड के दौरान रिव्यूइंग ऑफिसर के लिए तलवार धारण करना अनिवार्य नहीं रहेगा, बल्कि इसे वैकल्पिक बनाया गया है।
- यह परिवर्तन सेना की औपचारिक परंपराओं को आधुनिक दृष्टिकोण के साथ संतुलित करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।
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