- भारतीय नौसेना के प्रसिद्ध हेलीकॉप्टर स्क्वाड्रन इंडियन नेवल एयर स्क्वाड्रन 330 (INAS 330), जिसे “द हार्पून्स” के नाम से जाना जाता है, को 14 जून 2026 को आधिकारिक रूप से निष्क्रिय कर दिया गया।
- इसके साथ ही भारतीय नौसेना में 55 वर्षों तक सेवा देने वाले इस प्रतिष्ठित स्क्वाड्रन तथा सी किंग एमके 42बी हेलीकॉप्टरों के एक महत्वपूर्ण अध्याय का समापन हो गया।
- INAS 330 की स्थापना 17 अप्रैल 1971 को केरल के कोच्चि स्थित आईएनएस गरुड़ में की गई थी। इसकी कमान प्रारंभिक चरण में कमांडर एम. पी. वाधावन के हाथों में थी।
- स्थापना के बाद से यह स्क्वाड्रन भारतीय नौसेना की समुद्री निगरानी, युद्धक अभियानों और सुरक्षा संचालन का अहम हिस्सा बना रहा।
- यह स्क्वाड्रन मुख्य रूप से सी किंग एमके 42बी हेलीकॉप्टरों का संचालन करता था।
- ये हेलीकॉप्टर समुद्री युद्ध, पनडुब्बी रोधी अभियान (Anti-Submarine Warfare), खोज एवं बचाव कार्य (Search and Rescue) तथा निगरानी मिशनों के लिए विशेष रूप से उपयोग किए जाते थे।
- पांच दशकों से अधिक समय तक उत्कृष्ट सेवा देने के बाद ‘द हार्पून्स’ स्क्वाड्रन का निष्क्रियकरण भारतीय नौसेना के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना माना जा रहा है।
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