- तेलंगाना के 29 लाख विद्यार्थियों को मिलेगा पौष्टिक नाश्ता और दूध, 720 करोड़ रुपये की नई योजना शुरू ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद 15 जून 2026 से तेलंगाना के सरकारी स्कूलों और जूनियर कॉलेजों में एक नई पहल की शुरुआत हुई है।
- राज्य सरकार ने विद्यार्थियों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने और विद्यालयों में उनकी नियमित उपस्थिति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अपनी महत्वाकांक्षी ‘ब्रेकफास्ट एंड मिल्क स्कीम’ लागू कर दी है।
- इस योजना के तहत प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक के सभी विद्यार्थियों को स्कूल में पौष्टिक नाश्ता उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें दूध और रागी माल्ट भी वितरित किया जाएगा, ताकि बच्चों को आवश्यक पोषक तत्व मिल सकें और उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास को बल मिले।
- योजना के सफल संचालन के लिए राज्य सरकार ने 720 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट निर्धारित किया है। इसमें 540 करोड़ रुपये नाश्ता कार्यक्रम पर तथा 180 करोड़ रुपये दूध और रागी माल्ट वितरण पर खर्च किए जाएंगे।
- सरकार का अनुमान है कि इस पहल से राज्य के सरकारी स्कूलों और जूनियर कॉलेजों में अध्ययनरत लगभग 29 लाख विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
- शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर पोषण से न केवल बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार होगा, बल्कि उनकी सीखने की क्षमता, एकाग्रता और विद्यालय में उपस्थिति पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
- राज्य सरकार इस योजना को शिक्षा और पोषण के समन्वय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रही है, जो विद्यार्थियों के समग्र विकास में सहायक साबित हो सकता है।
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