- वर्ष 2026 में भारत का स्वदेशी बहु-स्तरीय मिसाइल रक्षा कार्यक्रम ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ नई उपलब्धियों के साथ आगे बढ़ रहा है।
- इस पहल के तहत देश ने मिसाइल परीक्षणों, उन्नत रक्षा प्रणालियों और आधुनिक सैन्य अवसंरचना के विकास में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।
- कार्यक्रम का उद्देश्य बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा, वायु रक्षा तथा एंटी-शिप युद्ध क्षमताओं को एकीकृत कर एक मजबूत सुरक्षा कवच तैयार करना है, जिससे सैन्य ठिकानों, महत्वपूर्ण संस्थानों और रणनीतिक परिसंपत्तियों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
- इसी क्रम में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने 10 और 11 जून 2026 को लगातार तीन सफल मिसाइल परीक्षण संपन्न किए।
- इन परीक्षणों के माध्यम से भारत की बहु-स्तरीय बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली और एंटी-शिप युद्ध तकनीकों की कार्यक्षमता का सफल सत्यापन किया गया।
- परीक्षणों के दौरान इंटरसेप्टर मिसाइलों, लक्ष्य पहचान एवं ट्रैकिंग प्रणालियों तथा विभिन्न रक्षा तकनीकों का मूल्यांकन किया गया।
- इन सफलताओं को भविष्य में अधिक सक्षम और आधुनिक रक्षा तंत्र के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Tags:
वैज्ञानिक परिदृश्य
