- देश में एनीमिया की चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने एनीमिया मुक्त भारत अभियान (Anaemia Mukt Bharat) के नए परिचालन दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
- 29 जून 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री द्वारा जारी इन संशोधित दिशा-निर्देशों का उद्देश्य एनीमिया की रोकथाम, समय पर पहचान, प्रभावी उपचार और बेहतर निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है।
- नए ढांचे में जीवन-चक्र आधारित (Life-Cycle Approach) रणनीति अपनाई गई है, जिससे विभिन्न आयु वर्गों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं को अधिक प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके।
- संशोधित अभियान में पहले लागू 6x6x6 रणनीति के स्थान पर अब 7x7x7 रणनीति लागू की गई है। इसके अंतर्गत सात लाभार्थी समूह, सात प्रमुख हस्तक्षेप और सात संस्थागत तंत्र निर्धारित किए गए हैं।
- नई व्यवस्था में कम जन्म वजन (Low Birth Weight) वाले 0 से 6 माह तक के शिशुओं को सातवें लाभार्थी समूह के रूप में शामिल किया गया है, ताकि जीवन के शुरुआती चरण में ही एनीमिया की रोकथाम और स्वस्थ विकास सुनिश्चित किया जा सके।
- इसके साथ ही, "ईटिंग राइट" (Eating Right) को सातवें प्रमुख हस्तक्षेप के रूप में जोड़ा गया है। इस पहल के तहत आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों, संतुलित एवं विविधतापूर्ण आहार तथा बेहतर पोषण संबंधी व्यवहार को बढ़ावा दिया जाएगा।
- सरकार का मानना है कि इन नए दिशा-निर्देशों से एनीमिया की रोकथाम को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा और देश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के साथ-साथ समग्र जनस्वास्थ्य में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।
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