- भारत को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई है। मध्य प्रदेश कैडर के 1994 बैच के आईएएस अधिकारी Vivek Agrawal को 19 जून 2026 को Paris में आयोजित बैठक के दौरान Financial Action Task Force (FATF) का उपाध्यक्ष चुना गया।
- यह पहला अवसर है जब किसी भारतीय अधिकारी को इस प्रमुख अंतर-सरकारी संस्था के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिली है।
- उनकी नियुक्ति वित्तीय अपराधों, धनशोधन और आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ वैश्विक प्रयासों में भारत की बढ़ती भागीदारी और प्रभाव को रेखांकित करती है। यह उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय शासन से जुड़े मंचों पर भारत की मजबूत होती स्थिति का भी संकेत है।
- FATF के उपाध्यक्ष का कार्यकाल एक वर्ष का होता है। विवेक अग्रवाल जुलाई 2026 से जून 2027 तक इस पद की जिम्मेदारी संभालेंगे।
- इस दौरान वे Giles Thomson का स्थान लेंगे और FATF के नेतृत्व के साथ मिलकर संगठन की नीतियों, कार्ययोजनाओं तथा रणनीतिक निर्णयों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
- वैश्विक वित्तीय सुरक्षा ढांचे में FATF का विशेष महत्व है, क्योंकि यह संस्था धनशोधन और आतंकवाद के वित्तपोषण जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक तय करती है।
- ऐसे में इसके शीर्ष नेतृत्व में किसी भारतीय अधिकारी की नियुक्ति भारत के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जा रही है।
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